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EV Market 2026: TVS, बजाज, हीरो और एथर का चला जादू, नई कंपनियों को पछाड़ बाजार पर 96% कब्जा

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साल 2026 की पहली छमाही में भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार 53.3% बढ़ा। टीवीएस, बजाज, हीरो और एथर ने 96% ग्रोथ पर कब्जा जमाया, जबकि ओला की हिस्सेदारी घटी

Last Updated- July 14, 2026 | 10:25 PM IST
Electric two wheeler
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश के इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार का झुकाव तेजी से स्थापित विनिर्माताओं के पक्ष में हो रहा है। साल 2026 की पहली छमाही के दौरान टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प के साथ-साथ ईवी पर केंद्रित एथर एनर्जी ने उद्योग के पंजीकरण में लगभग 96 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि एथर को छोड़कर ईवी बनाने वाली ज्यादातर नई कंपनियां काफी कम हिस्सेदारी हासिल कर पाईं। दूसरी ओर पहले बाजार में अग्रणी रही ओला इलेक्ट्रिक की हिस्सेदारी सालाना आधार पर लगातार घटती रही।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी-जून 2026 के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया का पंजीकरण पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज 6,33,599 के मुकाबले 53.3 प्रतिशत बढ़कर 9,70,993 हो गया। 3,37,394 वाहनों की इस शुद्ध वृद्धि में टीवीएस, बजाज, एथर और हीरो ने मिलकर 3,22,621 वाहनों यानी 95.6 प्रतिशत का योगदान दिया।

इसके परिणामस्वरूप बाजार में उनकी संयुक्त हिस्सेदारी साल 2025 की पहली छमाही में दर्ज 66.6 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर साल 2026 की पहली छमाही में 76.7 प्रतिशत हो गई। इससे पता चलता है कि बड़े स्तर, स्थापित ब्रांडों और विस्तृत वितरण व सर्विस नेटवर्क वाले कुछ विनिर्माताओं ने इस वृद्धि पर लगातार अपना दबदबा बना रखा है।

ये आंकड़े ईवी पर केंद्रित कंपनियों के बीच बढ़ते अंतर को भी उजागर करते हैं। एथर ने अपनी ​स्थिति को और मजबूत किया। इसकी पंजीकरण दर सालाना आधार पर 91.1 प्रतिशत बढ़कर 1,69,020 हो गईं और बाजार हिस्सेदारी 14 प्रतिशत से बढ़कर 17.4 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर इस क्षेत्र में कदम रखने वाली कई अन्य नई कंपनियों का प्रदर्शन उद्योग के तेजी से विस्तार के बावजूद सीमित रहा। आंकड़ों से पता चलता है कि रिवर ने कम आधार से आगे बढ़ोतरी जारी रखी, लेकिन ओकिनावा, हीरो इले​क्ट्रिक और एम्पीयर जैसी कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी पहली छमाही के पंजीकरण की एक प्रतिशत से भी काफी कम रही। इससे स्पष्ट होता है कि बाजार की वृद्धि कुछ स्थापित विनिर्माताओं और एथर के बीच तेजी केंद्रित हो रही है।

ओला की स्थिति विपरीत रही। इस छमाही के दौरान इसके पंजीकरण की दर पिछले साल के मुकाबले 44.1 प्रतिशत घटकर 65,999 रह गई। इससे कंपनी की हिस्सेदारी 18.6 प्रतिशत से घटकर 6.8 प्रतिशत रह गई।

पंजीकरण की मौजूदा रफ्तार में भी यह अंतर स्पष्ट दिखता है। साल 2026 की पहली छमाही के दौरान ओला ने औसतन लगभग 11,000 ई-दोपहिया का मासिक पंजीकरण किया, जबकि कैलेंडर वर्ष 2025 में यह आंकड़ा लगभग 17,000 वाहन प्रति मास था। रफ्तार की इस मौजूदा दर के हिसाब से कंपनी साल 2026 में लगभग 1,32,000 वाहनों का पंजीकरण करेगी, जो पिछले साल बेचे गए 2,04,527 वाहनों की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम है। इसके विपरीत साल 2026 की पहली छमाही में उद्योग का प्रति मास औसत लगभग 1,62,000 पंजीकरण का है। इससे यह कैलेंडर वर्ष 2025 की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत अधिक यानी 19.4 लाख वाहनों के साथ पटरी पर है। 

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First Published - July 14, 2026 | 10:12 PM IST

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