मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां तीन दिवसीय आयुक्त - जिलाधिकारी कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में कहा कि कांफ्रेंस के निष्कर्षों के आधार पर प्रदेश के अगले एक वर्ष के विकास की समयबद्ध कार्ययोजना बनायी जाएगी। कार्ययोजना का क्रियान्वयन आगामी अक्टूबर माह से होगा।
मुख्यमंत्री ने कांफ्रेंस में कहा है कि मध्यप्रदेश ने तेज गति से विकास किया है। इसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। ग्यारहवींं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रायमरी सेक्टर में मध्यप्रदेश का देश में प्रथम स्थान रहा और मध्यप्रदेश औसत विकास दर में देश में भी तेजी से आगे बढ़ते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह पड़ाव है मंजिल नहीं, मध्यप्रदेश को विकास के क्षेत्र में बहुत आगे जाना है। मध्यप्रदेश में इसकी संभावनाएं हैं। इसके लिए जज्बे और जुनून से काम कर बेहतर से बेहतर परिणाम दें।
चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में अभिनव कार्य पद्धति विकसित करने का प्रयास किया गया है। वर्ष 2006 में ग्यारहवींं पंचवर्षीय योजना में 7.5 विकास दर का लक्ष्य तय किया गया था, जिसे पार कर इस अवधि में प्रदेश में 10.2 प्रतिशत औसत विकास दर हासिल की गई।
उन्हांेने कहा कि इसी के साथ कृषि से जुड़े प्राथमिक क्षेत्र में 18 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त की गई, जो देश में सबसे अधिक है। बारहवींं पंचवर्षीय योजना के पहले साल में लगभग 12 प्रतिशत की विकास दर हासिल की गई है। यह विकास दर दिखाती है कि बीते वर्षों में प्रदेश में किए गए प्रयासों के परिणाम मिलने लगे हैं।