मई महीने के दौरान देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री पिछले साल की तुलना में 45 प्रतिशत बढ़कर 2,71,682 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इस उछाल से वाहनों की सभी श्रेणियों में ईवी की पैठ पहली बार 11 प्रतिशत से ऊपर चली गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की ओर से जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
इस बढ़ोतरी में इलेक्ट्रिक यात्री वाहन और दोपहिया आगे रहे। ईंधन की बढ़ती कीमत और वाहन मॉडलों की विस्तृत श्रृंखला की उपलब्धता ने और खरीदारों को इलेक्ट्रिक परिवहन की दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मई में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 81 प्रतिशत उछलकर 26,682 हो गई और इस श्रेणी में ईवी पैठ एक साल पहले की 4.5 की तुलना में बढ़कर 6.6 प्रतिशत हो गई।
जहां टाटा मोटर्स मई में ईवी यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में 38.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बाजार में अग्रणी बनी रही, वहीं महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने अपनी हिस्सेदारी को 23.3 प्रतिशत तक बढ़ाकर फासला कम करना जारी रखा। इन दोनों घरेलू कंपनियों के पास देश के ईवी कार बाजार की 62 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल है।
दूसरी ओर एमजी की हिस्सेदारी सकारात्मक वृद्धि के बावजूद नरम पड़कर 18.7 प्रतिशत रह गई। मारुति सुजूकी का हालिया प्रवेश प्रतिस्पर्धा के परिदृश्य को बदलने लगा है। कंपनी ने अपने पहले ही अहम महीने में लगभग 6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली।
मई में टाटा मोटर्स 10,340 वाहनों के साथ ईवी यात्री वाहन बिक्री में सबसे आगे रही। इसके बाद महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (6,210 वाहन बिक्री) और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया (4,984 वाहन बिक्री) का स्थान रहा। हाल में प्रवेश करने वाली मारुति ने 1,591 वाहन बेचे, जबकि विनफस्ट ने 1,238 वाहनों की बिक्री की।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 63 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह बढ़कर 1,70,733 हो गई। इसकी पैठ एक साल पहले की 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई। टीवीएस मोटर 42,459 खुदरा बिक्री के साथ इस श्रेणी में अग्रणी रही। इसके बाद 39,202 वाहन बिक्री के साथ बजाज ऑटो और 28,240 वाहन बिक्री के साथ एथर एनर्जी का स्थान रहा।
तिमाही आधार पर सुधार के बावजूद ओला इलेक्ट्रिक दबाव में रही। इसकी खुदरा बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत घटकर 15,141 रह गई। भले ही समूचा इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार 63 प्रतिशत बढ़ा हो। यह टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प जैसी स्थापित प्रतिस्पर्धियों के हाथों बाजार हिस्सेदारी गंवाने का संकेत है।