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रुपये की जोरदार वापसी, कच्चे तेल में गिरावट और RBI के कदमों से मिला सहारा

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स्थानीय मुद्रा 95.35 प्रति डॉलर पर बंद हुई जबकि पिछली बार यह 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी

Last Updated- June 09, 2026 | 10:50 PM IST
Rupee

मंगलवार को रुपये में मजबूती आई और बॉन्ड यील्ड में नरमी देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया कदमों के बाद डॉलर के नए प्रवाह की उम्मीदों ने रुपये पर दबाव कम किया। स्थानीय मुद्रा 95.35 प्रति डॉलर पर बंद हुई जबकि पिछली बार यह 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। इस तरह उसने एक दिन पहले हुई भारी गिरावट से उबरते हुए सुधार दिखाया।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि ईरान और इजरायल के बीच तनाव में कुछ समय के लिए कमी के संकेतों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे मनोधारणा बेहतर हुई। ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमत गिरकर 92.22 डॉलर प्रति बैरल रह गई जबकि एक दिन पहले यह 94.23 डॉलर पर थी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच डॉलर कमजोर होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से जोखिम को लेकर धारणा में सुधार हुआ, जिससे भारतीय रुपये में मजबूती आई।

इसके अलावा, आरबीआई के हालिया कदमों के बाद डेट मार्केट में निवेश फिर से शुरू होने से भी इसे और सहारा मिला। निकट भविष्य में, हाजिर रुपये को 95.80 प्रति डॉलर पर प्रतिरोध और 94.70 प्रति डॉलर पर समर्थन मिलेगा। निवेश जारी रहने की उम्मीदों के कारण रुपये के लिए अल्पावधि का रुख सकारात्मक बना हुआ है।

पिछले हफ्ते केंद्रीय बैंक ने विदेशी उधारी और एफसीएनआर (बी) जमाओं के लिए रियायती विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा शुरू की, साथ ही सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए। आरबीआई ने बैंकों को यह भी इजाजत दी कि वे एफसीएनआर (बी) जमाओं, बाह्य वाणिज्यिक उधारी और विदेशी मुद्रा में लिए गए ऋण के लिए नई घोषित विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधाओं से बनी पोजीशन को अपनी नेट ओवरनाइट ओपन पोजीशन-रुपया लिमिट की गणना से बाहर रख सकते हैं।

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First Published - June 9, 2026 | 10:50 PM IST

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