facebookmetapixel
Advertisement
मई में EV बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, 45% उछाल से पहली बार 11% के पार पहुंची बाजार हिस्सेदारीTCS चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का बड़ा बयान: 3 साल में कर्मचारियों के बराबर होंगे AI एजेंटवाहन निर्माताओं का नीति आयोग को जवाब- पुराने वाहन कहां हैं, पता नहींEditorial: हादसों के पीछे छिपे भ्रष्टाचार और लापरवाह शहरी शासन की कहानीशास्त्री भवन को अलविदा: सत्ता के गलियारों की अनगिनत गाथाएं समेटे, खुले और जनसुलभ शासन की पहचानक्या तेल संकट के दौर में भारत की महंगाई नियंत्रण नीति जरूरत से ज्यादा सख्त है?रुपये की जोरदार वापसी, कच्चे तेल में गिरावट और RBI के कदमों से मिला सहाराखुदरा निवेशकों का उत्साह पड़ा फीका, लगातार तीसरे महीने धीमी रही नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तारAI जुनून का चरम है स्पेसएक्स का आईपीओ, जेफरीज के क्रिस्टोफर वुड ने जताई बड़ी आशंकापैसिव फंड्स पर सेबी की सख्ती! ETF और इंडेक्स फंड्स के लिए भी आ सकता है 50% ओवरलैप नियम

खुदरा निवेशकों का उत्साह पड़ा फीका, लगातार तीसरे महीने धीमी रही नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तार

Advertisement

इस महीने लगभग 23 लाख नए डीमैट खाते खोले गए, जो 2025 के 25 लाख के मासिक औसत से कम है

Last Updated- June 09, 2026 | 10:43 PM IST
Demat account

मई 2026 में लगातार तीसरे महीने नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तार पिछले साल के औसत से कम रही। इससे पता चलता है कि खुदरा निवेशकों की भागीदारी में कमी आई है। इस महीने लगभग 23 लाख नए डीमैट खाते खोले गए, जो 2025 के 25 लाख के मासिक औसत से कम है। डीमैट खाते का इस्तेमाल शेयरों और दूसरी प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के लिए किया जाता है।

बाजार के जानकारों का मानना ​​है कि इस सुस्ती की वजह पिछले 18 महीनों में बाजार का सुस्त माहौल और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का बरकरार रहना है, जिनका असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा है। आने वाली कुछ तिमाहियों में नए खाते खुलने की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है क्योंकि कई वजहों से खुदरा निवेशक बाजार से दूर रह सकते हैं। इनमें भूराजनीतिक तनाव, कमजोर मॉनसून की आशंका और ईरान संघर्ष के बाद ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से कंपनियों के मुनाफ़े की धीमी वृद्धि जैसी बातें शामिल हैं।

इसके अलावा, नौकरी के मौकों को लेकर चिंता, खासकर टेक्नॉलजी सेक्टर में, जहां कंपनियां तेज़ी से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस अपना रही हैं, निवेशकों के भरोसे पर असर डाल रही है। चूंकि ज्यादातर नए डीमैट खाते वेतनभोगी खुलवाते हैं। इसलिए नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं निकट भविष्य में इक्विटी बगाजार में नई भागीदारी को रोक सकती है।

Advertisement
First Published - June 9, 2026 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement