मई 2026 में लगातार तीसरे महीने नए डीमैट खाते खुलने की रफ्तार पिछले साल के औसत से कम रही। इससे पता चलता है कि खुदरा निवेशकों की भागीदारी में कमी आई है। इस महीने लगभग 23 लाख नए डीमैट खाते खोले गए, जो 2025 के 25 लाख के मासिक औसत से कम है। डीमैट खाते का इस्तेमाल शेयरों और दूसरी प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के लिए किया जाता है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस सुस्ती की वजह पिछले 18 महीनों में बाजार का सुस्त माहौल और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का बरकरार रहना है, जिनका असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ा है। आने वाली कुछ तिमाहियों में नए खाते खुलने की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है क्योंकि कई वजहों से खुदरा निवेशक बाजार से दूर रह सकते हैं। इनमें भूराजनीतिक तनाव, कमजोर मॉनसून की आशंका और ईरान संघर्ष के बाद ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से कंपनियों के मुनाफ़े की धीमी वृद्धि जैसी बातें शामिल हैं।
इसके अलावा, नौकरी के मौकों को लेकर चिंता, खासकर टेक्नॉलजी सेक्टर में, जहां कंपनियां तेज़ी से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस अपना रही हैं, निवेशकों के भरोसे पर असर डाल रही है। चूंकि ज्यादातर नए डीमैट खाते वेतनभोगी खुलवाते हैं। इसलिए नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं निकट भविष्य में इक्विटी बगाजार में नई भागीदारी को रोक सकती है।