facebookmetapixel
LPG Price Hike: नए साल की शुरुआत में महंगाई का झटका, LPG सिलेंडर ₹111 हुआ महंगादिल्ली की EV पॉलिसी 2.0 पर मंथन तेज, सायम और 5 कंपनियों के साथ मसौदे पर चर्चा करेगी सरकारबड़ी उधारी से 2026 में भी बॉन्ड यील्ड पर दबाव, रुपये को सीमित सहाराStocks to Watch: Jindal Poly से लेकर Vodafone और Adani Enterprises तक, नए साल पर इन स्टॉक्स में दिख सकता है एक्शनStock Market Today: गिफ्ट निफ्टी से पॉजिटिव संकेत, 2026 के पहले दिन कैसी रहेगी बाजार की चाल ?Gold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर2025 में भारत आए कम विदेशी पर्यटक, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया वीजा-मुक्त नीतियों से आगे निकले

छात्रों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा

Last Updated- December 08, 2022 | 12:01 AM IST

उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) राज्य के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा की व्यवस्था करने जा रही है।


यूपीटीयू ने नोएडा में एक सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र को विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। शुरुआत में यह केंद्र 10 नोडल केंद्रों की आवश्यकताएं पूरी करेगी। इसके अलावा, इस केंद्र को अन्य 50 कॉलेजों में सेवाएं मुहैया कराने के लिए भी सुलभ बनाया जाएगा।

इस पहल से यूपीटीयू दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों को बुलाना चाहती है ताकि वे छात्रों को व्याख्यान दे सके और छात्रों के साथ बातचीत का एक माहौल तैयार कर सके। इसके जरिए एक ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से शिक्षक वीडियो कान्फे्रंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश में स्थित विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों के सभी छात्रों के साथ जुड़ सकेंगे।

यह उम्मीद जताई जा रही है कि यूपीटीयू की इस पहल से कम शिक्षकों के जरिए अधिक से अधिक छात्रों को पढ़ाने में मदद मिलेगी। संकायों की कमी को देखते हुए यूपीटीयू द्वारा आभासी कक्षा की व्यवस्था कराने से संकायों एवं छात्रों के अनुपात में सुधार देखने को जरूर मिलेगा।

यूपीटीयू के उप कुलपति प्रोफेसर प्रेम व्रत ने बताया, ‘हम जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, वहां शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी। छात्रों को क्वालिटी शिक्षा मुहैया कराने के लिए हम लोग विभिन्न सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे।’

प्रोफेसर प्रेमव्रत ने बताया कि दुनिया भर में शिक्षा प्रणाली पर नई सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) का दबाव दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। 21वीं सदी में छात्रों को पढ़ाने के लिए ज्ञान के साथ-साथ कौशल की भी जरूरत है।

प्रो. प्रेमव्रत ने बताया, ‘नई प्रौद्योगिकियों के आने के बाद भाषण आधारित शिक्षा प्रणाली की जगह अब छात्रों और शिक्षकों के बीच बातचीत आधारित शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है।’ शिक्षा के प्रसार में आईसीटी के उपयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए गुप्ता ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी से सुसज्जित शिक्षा प्रणाली समय की मांग है।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि देशभर की विभिन्न कंपनियों के विभिन्न पदों पर काम करने वाले करीब 12 फीसदी आईटी पेशेवर उत्तर प्रदेश से आते हैं और यह राज्य अकेले सालाना लगभग 75,000 इंजीनियर तैयार करने में योगदान देता है।

First Published - October 14, 2008 | 9:42 PM IST

संबंधित पोस्ट