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यूपी निकाय चुनाव में नए सिरे से होगा सीटों का आरक्षण

Last Updated- December 11, 2022 | 2:40 PM IST

 उत्तर प्रदेश में अगले दो महीनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नए सिरे से सीटों का आरक्षण किया जाएगा। निकाय चुनावों के लिए वार्डों के गठन को अंतिम रूप देने के बाद अगले महीने अक्टूबर में सीटों का आरक्षण नए सिरे से किया जाएगा। हालांकि अभी सीटों के आरक्षण का फार्मूला तय नहीं हुआ है पर माना जा रहा है कि ज्यादातर सीटों पर उलटफेर होगा। उत्तर प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव इसी साल नवंबर में प्रस्तावित हैं।
इस बार उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने वड़े पैमाने पर स्थानीय निकायों की तादाद बढ़ायी है। पिछली बार 2017 में हुए चुनावों के मुकाबले इस बार 100 से ज्यादा नए निकायों का गठन किया जा चुका है। बड़ी तादाद में ग्रामीण इलाके शहरी निकायों में शामिल हो चुके हैं। जहां 2017 में स्थानीय निकायों की 653 सीटों पर चुनाव हुआ था वहीं इस बार अभी तक 762 निकाय बन चुके हैं। अगले सप्ताह तक इनकी संख्या में और भी इजाफा हो सकता है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार वार्डों की संख्या भी 20 हजार से अधिक होगी। वार्डों के आरक्षण से पहले अधिकतर निकायों में रैपिड सर्वे का काम पूरा कराया जा रहा है। रैपिड सर्वे होने के बाद आरक्षण का काम शुरू होगा।
 
नगर विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय निकायों के चुनाव के लिए आरक्षण का फार्मूला तय किया जा रहा है। अक्टूबर में आरक्षण का नए सिरे से निर्धारण के बाद चुनाव की तारीखों के लिए प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा जिसके बाद तारीखों का एलान होगा।
 
गौरतलब है कि योगी सरकार ने इस बार बड़े पैमाने पर नयी नगर पंचायतों का गठन किया है। पिछली बार 2017 के चुनावों में जहां 429 नगर पंचायतें थी वहीं इस बार इनकी संख्या अब 545 हो चुकी हैं। जबकि सात नयी नगर पालिका परिषदों व एक नगर निगम का गठन का किया गया है। प्रदेश में अब कुल 200 नगर पालिका परिषद और 17 नगर निगम हैं। आने वाले कुछ दिनों में नगर पंचायतों की संख्या और भी बढ़ सकती हैं।
 
सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए नगर निकायों के चुनाव काऱी मायने रखते हैं। बीते कुछ सालों से उत्तर प्रदेश के नगर निकायों में भाजपा का दबदवा रहा है। बीते 2017 के चुनावों में प्रदेश के 16 नगर निगमों में 14 पर भाजपा के तो दो पर बहुजन समाज पार्टी के मेयर पद के प्रत्याशी जीते थे। भाजपा के अलावा प्रदेश अन्य राजनैतिक दलों नें भी निकाय चुनावों को लेकर काफी पहले के अपनी तैयारी शुरु कर दी है।

First Published - September 29, 2022 | 9:04 PM IST

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