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लखीमपुर मामले पर विपक्ष के तीखे तेवर

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Last Updated- December 12, 2022 | 12:28 AM IST

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में चार किसानों को कथित तौर पर कुचलने पर बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होने के बाद से मिश्रा की गृह मंत्री से यह पहली मुलाकात है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मिश्रा नॉर्थ ब्लॉक में पहली मंजिल पर स्थित अपने कार्यालय में आए और करीब आधे घंटे तक वहां रहे। इसके बाद वह शाह के आवास पर गए जहां वह करीब आधे घंटे तक रहे।
विपक्ष इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मिश्रा को हटाए जाने की मांग कर रहा है। हालांकि, मिश्रा ने इस घटना में अपने बेटे के शामिल होने से इनकार किया है।
पुलिस ने रविवार की घटना में किसानों की मौत को लेकर मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा और सात अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। केंद्रीय मंत्री ने किसान संगठनों के उन आरोपों से इनकार किया कि उनका बेटा एक कार में बैठा हुआ था। उन्होंने कहा कि उनके पास यह दिखाने के लिए सबूत है कि उनका बेटा कहीं और हो रहे किसी कार्यक्रम में गया हुआ था।
    
सरकार पर दबाव
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शाह से मिलकर इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई करने का आग्रह करेगा। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं में केवल तृणमूल कांग्रेस के नेता ही सभी बाधाओं के बावजूद मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने में सफल रहे।
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किसानों से एकजुट होकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ब्रितानी हुकूमत की तुलना में ज्यादा अत्याचार कर रही है और इसके मंत्री किसानों की आवाज दबाने के लिए धमकी दे रहे हैं।
बुधवार को पंजाब और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने लखीमपुर खीरी जिले में हुई हिंसा में मारे गए किसानों के परिजन को 50-50 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

मिली अनुमति
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और तीन अन्य को लखीमपुर जाने की अनुमति दे दी। इससे पहले आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा था कि किसी को भी हिंसा प्रभावित जिले का माहौल खराब करने के लिए जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रियंका, राहुल और अन्य कांग्रेस नेता बुधवार की शाम सीतापुर पीएसी की दूसरी बटालियन के अतिथिगृह से लखीमपुर खीरी रवाना हो गए हैं। प्रियंका गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को पीएसी परिसर में हिरासत में रखा गया था। लखीमपुर खीरी जाने के लिए लखनऊ  हवाई अड्डे पर पहुंचे राहुल गांधी अपने वाहन से जाने की इजाजत नहीं दिए जाने के विरोध में हवाई अड्डा परिसर में कुछ देर के लिए धरने पर बैठ गए थे। बाद में सीतापुर से राहुल अपनी बहन प्रियंका के साथ एक वाहन में जबकि कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला दूसरे वाहन में रवाना हुए। काफिले में शामिल तीसरे वाहन में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल थे। वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लखीमपुर खीरी जाने के कार्यक्रम को राजनीतिक पर्यटन करार देते हुए कहा कि किसी को भी हालात बिगाडऩे नहीं दिए जाएंगे।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया, ‘लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिकोण से लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया था, मगर अब वहां पर लोगों को पांच-पांच के समूह में जाने की अनुमति दे दी गई है। जो भी व्यक्ति जाना चाहें वहां जा सकते हैं।’

गैरकानूनी गिरफ्तारी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने लखीमपुर खीरी हिंसा तथा प्रियंका को हिरासत में लिए जाने को लेकर बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सवाल किया कि प्रियंका की गैरकानूनी गिरफ्तारी क्यों की गई तथा गृह राज्य मंत्री के बेटे के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री की ओर से उनके सवालों का जवाब नहीं दिया जाता तो वे उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकते हैं। दोनों नेताओं के मुताबिक, उन्होंने इस पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी है। सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय से लखीमपुर की हिंसा के मामले में स्वत: संज्ञान लेने का भी आग्रह किया।
 इस बीच महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत को लेकर खेद व्यक्त करते हुए बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि मंत्रियों ने किसानों के सम्मान में कुछ देर मौन खड़े होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्होंने मौतों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

गिरफ्तारी की मांग
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को लखीमपुर में हुई हिंसा की घटना के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में राज्य सरकार को दिए गए अल्टीमेटम को बुधवार को दोहराते हुए कहा कि अगर आठ दिन में ऐसा नहीं हुआ तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रविवार की घटना में मरे आठ लोगों में चार किसान और एक पत्रकार शामिल हैं। उन्होंने इस घटना के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने तथा केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा से त्यागपत्र देने की मांग की। टिकैत ने 4 अक्टूबर को राज्य सरकार के साथ एक समझौता किया था जिसके बाद किसानों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया था और मृत किसानों का पोस्टमार्टम किया गया था। लखीमपुर हिंसा में जान गंवाने वाले बहराइच के किसान गुरविंदर सिंह का बुधवार सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले परिजन की मांग पर शव का दूसरी बार पोस्टमार्टम किया गया।    

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First Published - October 6, 2021 | 11:11 PM IST

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