facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का दिख रहा असर

Last Updated- December 14, 2022 | 11:03 PM IST

उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का असर पहले दिन से दिखने लगा है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है तो अनपरा ए व बी ताप बिजलीघरों में उत्पादन ठप हो गया है। राजधानी लखनऊ सहित बड़े शहरों में प्रीपेट मीटर धारकों को रिचार्ज की दिक्कत आई है। निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को कई अन्य राज्यों से भी समर्थन मिला है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में प्रदेश के बिजली कर्मचारी और और अभियंता सोमवार से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग के मुख्यालय शक्ति भवन पर कर्मचारी और अभियंता कार्य बहिष्कार पर हैं। कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए शिफ्ट के कर्मचारियों को इससे अलग रखा गया है। हालांकि प्रदेश सरकार ने कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली आपूर्ति सामान्य रखने के लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के विरोध में 15 लाख बिजली कर्मचारी फिलहाल एक दिन के हड़ताल पर हैं।  हडताल करने वालों में जूनियर इंजीनियर, उप-विभागीय अधिकारी, कार्यकारी इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता शामिल हैं।
बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो अनिश्चितकाल के लिए काम का बहिष्कार किया जाएगा। कार्य बहिष्कार के दौरान अस्पतालों एवं पेयजल व अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति को अलग रखा गया।

First Published - October 5, 2020 | 11:48 PM IST

संबंधित पोस्ट