प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
ITR Filing 2026-27: अगर आपने असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो आपके लिए अगला जरूरी काम इसके स्टेटस पर नजर रखना है। समय पर स्टेटस चेक करने से यह तय हो जाता है कि आपका रिटर्न बिना किसी गड़बड़ी के प्रोसेस हो रहा है और आपका टैक्स रिफंड भी बिना किसी देरी के बैंक खाते में आ जाएगा।
इसके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर ‘ITR Status’ सर्विस मिलती है। इसकी मदद से आप घर बैठे आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपके रिटर्न पर क्या कार्रवाई हुई है।
यह ई-फाइलिंग पोर्टल की एक बेहद जरूरी ऑनलाइन सुविधा है। इसकी मदद से कोई भी टैक्सपेयर अपने PAN कार्ड पर फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न का मौजूदा स्टेटस आसानी से देख सकता है। सिर्फ आम टैक्सपेयर ही नहीं, बल्कि अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatories), ई-रिटर्न इंटरमीडियरी (ERIs) और प्रतिनिधि निर्धारिती (Representative Assessees) भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस सर्विस का फायदा सिर्फ स्टेटस देखने तक ही सीमित नहीं है। इसकी मदद से आप:
इनकम टैक्स पोर्टल पर स्टेटस देखने के दो विकल्प मिलते हैं। पहला तरीका बिना लॉग इन किए (Pre-login) काम करता है और दूसरा तरीका अकाउंट में लॉग इन (Post-login) करने के बाद इस्तेमाल होता है।
अगर आपको पासवर्ड याद नहीं है या आप लॉग इन के झंझट में नहीं पड़ना चाहते, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
अगर आप अपने टैक्स रिकॉर्ड की पूरी हिस्ट्री और पूरी जानकारी देखना चाहते हैं, तो लॉग इन वाला तरीका सबसे बेस्ट है:
लॉग इन करने के बाद टैक्सपेयर्स को कुछ और बेहतरीन टूल्स भी मिलते हैं। जैसे कि आप ‘Filter’ विकल्प का इस्तेमाल करके किसी खास असेसमेंट ईयर या फाइलिंग के प्रकार के आधार पर पुराने रिटर्न खोज सकते हैं। इसके साथ ही, आप अपने सभी फाइल किए गए रिटर्न की पूरी लिस्ट को ‘Excel’ फॉर्मेट में एक्सपोर्ट (डाउनलोड) करके अपने पास रिकॉर्ड के तौर पर सुरक्षित रख सकते हैं।
ITR स्टेटस चेक करते समय कुछ टैक्सपेयर्स को पोर्टल पर एक विशेष अलर्ट दिखाई दे सकता है। अगर आपका पैन (PAN) कार्ड आधार से लिंक नहीं है, तो वह ‘Inoperative’ यानी निष्क्रिय हो जाता है।
पोर्टल का सिस्टम ऐसे यूजर्स को साफ तौर पर अलर्ट करता है कि निष्क्रिय पैन होने की स्थिति में टैक्स रिफंड जारी नहीं किया जा सकता। हालांकि, पोर्टल पर ही ‘Link Now’ का एक विकल्प भी मिलता है, जहां जाकर आप जरूरी फीस का भुगतान करके अपने पैन और आधार को तुरंत लिंक कर सकते हैं। समय पर रिफंड पाने और किसी भी परेशानी से बचने के लिए पैन का एक्टिव होना और रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन पूरा होना बेहद जरूरी है।