facebookmetapixel
Advertisement
SEBI का बड़ा प्रस्ताव: सभी निवेशकों को मिल सकती है DMA की सुविधाअब NCR रियल एस्टेट पर नेशनल डेवलपर्स की नजर, 4 साल में चार गुना बढ़ी हिस्सेदारीAkasa Air IPO: 2-4 साल में आएगा आकासा एयर का आईपीओ, FY27 में 30-40% क्षमता बढ़ाने का लक्ष्यInfosys को AI से बड़े मौके की उम्मीद, 2030 तक 300-400 अरब डॉलर के अवसर पर नजरघर का सोना बना ATM! गोल्ड लोन की डिमांड में 84% उछाल, यूपी में सबसे तेज ग्रोथSmall Cap Funds में पैसा लगाने से पहले DSP MF ने पूछे बड़े सवाल, क्या आप वाकई हैं तैयार?NSE IPO: कमाई का मौका या जोखिम का खेल? पैसा लगाने से पहले जान लें पूरी तस्वीरलाइफ साइकिल फंड में निवेश से पहले जान लें ये 10 जरूरी बातें, नहीं होगा बाद में पछतावाATM से कैश नहीं निकला और पैसा कट गया? जानिए बैंक कितने दिनों में लौटाएगा रकमAI शेयरों का बुल रन खतरे में? कोस्पी और स्पेसएक्स की गिरावट ने बढ़ाई चिंता

दिवाली पर बाजार में लौटी रौनक

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 1:45 AM IST

मंदी के काले साये से जहां कारोबार घुप्प अंधकार में समा गया था, दिवाली की जगमग रोशनी से वह अंधेरा काफूर हो गया।


खरीदारों की दरियादिली से फुटपाथिये व्यापारी हों या कॉरपोरेट हाउस के बड़े कारोबारी, सबके चेहरे पर रौनक लौट आई। मोमबत्तियां, तोरण, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, जो दोपहर 2 बजे तक 50 से 100 रुपये में मिल रही थी, वह शाम 6 बजे तक 300 से 400 रुपये में बिकने लगी।

बताशा जो आमतौर पर मुंबई में 40-50 रुपये किलोग्राम मिलता है, उसकी कीमत 200 रुपये के पार पहुंच गई। त्योहार के नाम पर बाजारों में मची इस लूट का असर सब्जियों और फलों पर भी पड़ा। टमाटर लाल होकर 60 रुपये, तो गोभी छिटक कर 65 रुपये और पालक 50 रुपये पर इतरा रही थी। लोगों ने लक्ष्मी पूजा के नाम पर अपनी जेब ढीली करने में कोई कोताही नहीं बरती।

Advertisement
First Published - October 29, 2008 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement