Editorial: आयात निर्भरता में कमी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को उचित ही ‘व्यवस्थागत झटका’ करार दिया और कहा कि यह वैश्विक ऊर्जा के महत्त्वपूर्ण मार्गों को खतरे में डाल रहा है। यह बात भारत की नाजुकता को भी रेखांकित करती है। भारत कच्चे तेल की अपनी खपत आवश्यकता का 85 फीसदी […]
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ऐसा झटका जिसे सही से समझा गया ही नहीं
भारत एक और झटके का सामना कर रहा है। ऐसे परिदृश्य में, जहां व्यवधान मॉनसून के पूर्वानुमान की तरह नियमित रूप से आते हैं, अगर कोई अच्छी बात है, तो वह यह है कि हम यह बेहतर ढंग से समझने लगे हैं कि कौन सी नीतिगत प्रतिक्रियाएं मददगार हैं और कौन सी नहीं। ऊर्जा संकट […]
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ऊर्जा क्षेत्र की कमजोरियों को दूर करने की जरूरत
दुनिया में जो माहौल है उसने हमें घरेलू कमजोरियों के बारे में नए सिरे से चिंतित किया है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े सैन्य संघर्ष ने ऊर्जा बाजार में उथलपुथल पैदा की है और जोखिम की गणना को बदल दिया है। भारत की बात करें तो तेल कीमतों के कारण लग रहे झटकों के […]
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Editorial: सही दिशा में कदम, 784 प्रावधानों में बदलाव से आसान होगा कारोबार
हाल ही में पारित जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 से कारोबारी सुगमता में सुधार की उम्मीद है। विधेयक के जरिये 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया। इनमें से 717 प्रावधानों की आपराधिकता समाप्त की गई है जबकि 67 में संशोधन का लक्ष्य जीवन को सहज बनाना है। ये संशोधन विभिन्न […]
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