Editorial: ‘फीफा’ के आत्मघाती गोल, खेल से ज्यादा कारोबार
फीफा द्वारा आयोजित 23वें फुटबॉल विश्व कप की शुरुआत हो गई है। इस बार 39 दिन चलने वाले इस टूर्नामेंट की सबसे गौर करने वाली बात यही है कि यह अपने सर्जक जूल्स रिमेट द्वारा प्रतिपादित मूल मूल्यों से कितना भटक गया है। पहला विश्व कप 1930 में उरुग्वे में खेला गया था। उस समय […]
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अरबों वर्ष पुराना प्राकृतिक सुपरफूड स्पाइरुलिना, तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता
संपूर्ण पोषण का एक अद्भुत स्रोत वास्तव में न तो कोई अनाज है और न ही मांसाहारी खाद्य पदार्थ। इसमें सभी आवश्यक अमीनो अम्ल, महत्त्वपूर्ण विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह एक जलीय जीव है, जो सूर्य की ऊर्जा से प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं तैयार करता है। यह […]
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भारत में निवेश की सुस्ती गहरे संरचनात्मक बदलावों का नतीजा
पश्चिम एशिया संकट और उसके कारण कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को लगा आपूर्ति झटका बताता है कि भारत एक आर्थिक तूफान की ओर बढ़ रहा है। उभरते जोखिमों को दो घटकों में बांट कर देखा जा सकता है: उर्वरक और पेट्रोलियम उत्पादों जैसे कच्चे माल की कम उपलब्धता के कारण जरूरी चीजों की […]
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Editorial: फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और एथनॉल अर्थव्यवस्था पर फोकस
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में ई 85 ईंधन प्रस्तुत किया है। यह 85 फीसदी एथनॉल और 15 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण है। उसका यह कदम भारत के तेल आयात को कम करने और घरेलू जैव-ईंधन अर्थव्यवस्था के निर्माण के प्रयासों का हिस्सा है। यह पहल देश भर में ई 20 पेट्रोल […]
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