Editorial: सीजफायर की जमीनी हकीकत, होर्मुज संकट गहराया
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की अवधि आगे बढ़ाए जाने ने इस बात को रेखांकित किया है कि पश्चिम एशिया के युद्ध में शामिल बड़ी शक्तियों और उनके सहयोगियों में युद्ध की इच्छा कमजोर पड़ी है। बहरहाल अमेरिका द्वारा अप्रत्याशित रूप से होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी करने के निर्णय के बाद भविष्य की […]
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भारत में लाख करोड़ डॉलर की कंपनी का निर्माण: तकनीक पर स्वामित्व क्यों है सबसे अहम?
गत माह ओपनएआई ने 882 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर फंड जुटाया और वह जल्दी ही एक लाख करोड़ डॉलर से अधिक की कंपनी बन सकती है। क्या भारत भी ऐसी कंपनी बना पाएगा और अगर हां तो कब? इसका उत्तर वैश्विक संदर्भ में निहित है। ऐसी कंपनियां दुर्लभ हैं: यूरोप, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया […]
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संघर्ष के दौर में भारत के समक्ष चुनौतियां
इसमें दो राय नहीं कि पश्चिम एशिया में छिड़ा संघर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका देगा। इसकी वजह तेल एवं गैस पर भारत की निर्भरता भर नहीं है बल्कि देश की राजकोषीय बाधाएं और भुगतान संतुलन के मोर्चे पर संवेदनशीलता भी इसका कारण है। जैसा कि कई अर्थशास्त्रियों और मीडिया रिपोर्टों ने भी संकेत किया […]
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Editorial: भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव और RBI की चुनौती
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच दो सप्ताह का नाजुक युद्ध विराम समाप्त होने को है और आगे की राह अनिश्चित नजर आ रही है। बहरहाल, यह बात उत्साह बढ़ाने वाली है कि दोनों पक्ष बातचीत को लेकर उत्सुक हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल दो सप्ताह में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंच […]
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