ट्रंप की बड़ी भूल? सद्दाम और गद्दाफी जैसी गलतियों से क्या अमेरिका ने नहीं सीखा कोई सबक
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के साथ जंग की शुरुआत अत्यधिक नाटकीय अंदाज में की थी। यह बात भी उतनी ही नाटकीय है कि तथाकथित विजेता, खासकर अमेरिका अब रुक गया है। इसमें नाटकीयता का तत्व ईरान के शीर्ष धार्मिक, सैन्य, वैचारिक और खुफिया नेतृत्व की लक्षित हत्या में निहित था। अमेरिकी कार्रवाई में वर्तमान […]
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Editorial: लोक सभा में 131वां संशोधन विधेयक ढेर, 12 साल में NDA की पहली बड़ी हार
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 की लोक सभा में पराजय, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की 12 वर्षों में पहली ऐसी हार है। इस हार ने सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच विश्वास में कमी की गहराई को रेखांकित किया। लोक सभा और राज्य विधान सभाओं में एक-तिहाई सीटों के लिए महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने तथा […]
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लोकतंत्र या चुनावी तानाशाही? वैश्विक सूचकांकों में भारत की रेटिंग और परिसीमन की पेचीदगियां
कई स्वतंत्र राजनीतिक वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत की लोकतांत्रिक स्थिति कमजोर हुई है। राजनीतिक वैज्ञानिक भारत को ‘हाइब्रिड शासन’ कहते हैं, जिसका अर्थ है कि यह न तो पूर्ण लोकतंत्र है और न ही पूर्ण निरंकुश शासन। भारत तीन सर्वमान्य वैश्विक लोकतंत्र सूचकांकों में निम्न स्थान पर है। इकनॉमिस्ट डेमोक्रेसी इंडेक्स […]
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Editorial: नोएडा हिंसा के पीछे श्रम तनाव, वेतन असमानता और रोजगार संकट की गहरी परतें
हाल के दिनों में नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में फैली हिंसा को केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह भारत के श्रम बाजार में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। उच्च पारिश्रमिक की मांग से शुरू हुआ यह मामला तेजी से बढ़ा, लेकिन असंतोष समय के साथ बढ़ता रहा है। इसके […]
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