Editorial: राज्यों के छिपे कर्ज और देनदारियों का सच सामने लाती CAG की रिपोर्ट
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा राज्यों के वित्तीय अंकेक्षण की हालिया रिपोर्टों ने शीर्ष बजट आंकड़ों और कई राज्यों की वास्तविक वित्तीय हालत के बीच अंतर उजागर कर दिया है। लेखा परीक्षक ने पाया कि बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने जो राजस्व और राजकोषीय घाटा बताया, वह […]
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जलवायु संकट के दौर में नए सिरे से समझना होगा जीवन रक्षा का अर्थशास्त्र
मैं जून के अंत में बैठकों के लिए यूरोप में थी और वहां भीषण गर्मी पड़ रही थी। भारतीय होने के नाते मैं गर्मी की आदी हूं मगर वहां चिलचिलाती धूप महसूस हो रही थी। यह भी स्पष्ट था कि ये देश गर्मी के लिए नहीं बने हैं, जो इमारतों से लेकर तापमान नियंत्रण उपकरणों […]
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एंटरप्राइज DPI से AI की दौड़ में भारत फिर हासिल कर सकता है बढ़त
रणनीति वह होती है, जिसमें असीमित आकांक्षाओं और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन बिठाया जाता है। जैसे-जैसे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रति उत्साह थम रहा है और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) की वास्तविक क्षमता तथा डेटा सेंटरों में निवेश से मिलने वाले लाभ का नए सिरे से आकलन किया जा रहा है वैसे-वैसे भारत को […]
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Editorial: विकसित भारत के लक्ष्य के लिए तेज विकास और निर्यात को बढ़ावा देना जरूरी
आर्थिक उदारीकरण के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पिछले दो सप्ताह में इस समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों और साक्षात्कारों की श्रृंखला से संकेत मिलता है कि यद्यपि इन वर्षों में काफी कुछ किया गया है, लेकिन भारत को अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। यह विशेष रूप से सरकार के उस […]
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