Editorial: उम्मीद पर खरा नहीं उतरा क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम!
पिछले कुछ दिनों से बाजार में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) व्यवस्था सुर्खियों में रही है। अब तक जो संकेत मिले हैं वे इस ओर इशारा कर रहे हैं कि यह व्यवस्था वे फायदे नहीं दे पाई हैं जिनकी उम्मीद लगाई गई थी। यह प्रणाली पात्र डेरिवेटिव शेयरों के बंद भाव तय करने की पुरानी प्रणाली […]
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आरबीआई को नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करने की कोई जल्दी नहीं
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अगस्त की मौद्रिक नीति में कोई आश्चर्य की बात नहीं है। केंद्रीय बैंक की दर निर्धारण संस्था, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वित्त वर्ष 2027 की अपनी तीसरी द्विमासिक बैठक में नीतिगत दर को 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है। बुधवार को समाप्त हुई बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से […]
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FPI को लुभाने से ज्यादा FDI बढ़ाने पर हो फोकस, निवेश नीति में पारदर्शिता है जरूरी
विदेशी निवेश को बढ़ावा देना हमेशा से सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। हाल के वर्षों में यह विषय और भी महत्त्वपूर्ण हो गया है क्योंकि भारतीय मुद्रा (रुपये) को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विदेशी पूंजी भारत में कई माध्यमों से आ सकती है। इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश […]
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Editorial: अभी राहत, लेकिन आगे महंगाई बढ़ी तो ब्याज दरों में बदलाव तय
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक के बाद बुधवार को वित्तीय बाजारों की अपेक्षाओं के अनुरूप ही नीतिगत रीपो दर को अपरिवर्तित रखा गया। इसके पीछे ठोस कारण भी थे। जून में मुद्रास्फीति दर 4.4 फीसदी रही जो आरबीआई के 4 फीसदी के लक्ष्य से अधिक है […]
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