विकसित भारत 2047 के लिए राज्यों की परिसंपत्तियां बनेंगी विकास और निवेश की सबसे बड़ी ताकत
भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए हमारे बड़े शहरों को असाधारण रूप से तेज वृद्धि हासिल करनी होगी। परंतु जिन सरकारों को इस वृद्धि को आगे बढ़ाना है उनके पास सीमित वित्तीय गुंजाइश है। कई राज्यों में अधिकांश राजस्व प्राप्तियां वेतन, पेंशन, सब्सिडी और ब्याज आदि में खर्च हो जाती हैं और […]
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केंद्र सरकार राज्यों और जिलों को निर्यात प्रोत्साहन में बड़ी भूमिका देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। जैसा कि इस समाचार पत्र में गत सप्ताह प्रकाशित किया गया था। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न राज्य जिलास्तरीय निर्यात कार्ययोजना तैयार करेंगे। वे निर्यात क्षमता वाले उत्पादों की पहचान करेंगे, औद्योगिक क्लस्टरों को मजबूत करेंगे और […]
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भारत-ब्रिटेन FTA लागू, लेकिन यह समझौता कारोबार और अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा बदलाव लाएगा?
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होने के बाद इस वर्ष 15 जुलाई से प्रभावी हो गया। इस समझौते पर कुछ लोगों का कहना है कि भारत ने खुला रवैया अपनाया है और जी-7 समूह में शामिल अर्थव्यवस्था यानी ब्रिटेन के साथ अपना पहला व्यापक समझौता कर मुक्त व्यापार की दिशा में एक […]
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Editorial: तेल, महंगाई और वैश्विक संकट के बीच ब्याज दरों पर विराम के आसार
अप्रैल में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पिछली बैठक के बाद से आर्थिक अनिश्चितता में उल्लेखनीय कमी नहीं आई है और इस सप्ताह भी इसकी चर्चा पर हावी रहेगी। अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम टिक नहीं पाया और होर्मुज स्ट्रेट फिर से अवरुद्ध हो गया। इसके साथ ही इस […]
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