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RBI MPC: EMI बढ़ेगी या मिलेगी राहत? RBI की मीटिंग से क्या हैं उम्मीदें

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RBI MPC बैठक से पहले ब्याज दरों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। क्या रेपो रेट में बदलाव होगा? जानिए महंगाई, कच्चे तेल, मानसून और एक्सपर्ट्स की राय

Last Updated- August 03, 2026 | 3:22 PM IST
RBI MPC Meeting

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर इस हफ्ते बाजार, निवेशकों और होम लोन लेने वालों की नजर रहेगी। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, कमजोर मानसून की आशंका और महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या RBI ब्याज दरों में कोई बदलाव करेगा या फिर इस बार भी इंतजार करने की रणनीति अपनाएगा।

जानकारों का मानना है कि फिलहाल RBI रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रख सकता है। उनका कहना है कि महंगाई और वैश्विक हालात को लेकर अभी भी काफी अनिश्चितता है। ऐसे में केंद्रीय बैंक जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय हालात पर नजर रखना पसंद कर सकता है।

क्यों नहीं बदल सकती ब्याज दर?

ब्रोकरेज फर्म नुवामा का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वहीं, कमजोर मानसून की आशंका से खाने-पीने की चीजों की महंगाई बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा कई कंपनियों ने हाल के महीनों में अपने उत्पादों के दाम भी बढ़ाए हैं।

हालांकि दूसरी तरफ सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से बाजार में पहले ही वित्तीय स्थितियां कुछ सख्त हो चुकी हैं। ऐसे में RBI के लिए ब्याज दर बढ़ाने की फिलहाल ज्यादा जरूरत नहीं दिखती।

अर्थव्यवस्था की तस्वीर अभी भी पूरी तरह साफ नहीं

नुवामा के मुताबिक, देश में लोन की मांग में सुधार जरूर दिख रहा है, लेकिन आर्थिक गतिविधियां अभी सभी सेक्टर में एक जैसी मजबूत नहीं हैं। GST दरों में कटौती से कुछ समय के लिए मांग को सहारा मिला, लेकिन इसका असर साल की दूसरी छमाही में कम हो सकता है।

अगर मानसून उम्मीद से कमजोर रहता है तो इसका असर खेती, ग्रामीण मांग और महंगाई पर भी पड़ सकता है। वहीं, वैश्विक अनिश्चितता की वजह से भारत के निर्यात पर भी दबाव बना रह सकता है।

इस बार फैसले से ज्यादा RBI के बयान पर रहेगी नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सिर्फ रेपो रेट का फैसला ही नहीं, बल्कि RBI क्या संकेत देता है, इस पर भी बाजार की नजर रहेगी। निवेशक यह जानना चाहेंगे कि केंद्रीय बैंक महंगाई, लिक्विडिटी और आगे ब्याज दरों को लेकर क्या सोच रहा है।

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अगर RBI अपने बयान में महंगाई को लेकर ज्यादा चिंता जताता है तो आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, अगर वह आर्थिक वृद्धि पर ज्यादा जोर देता है तो आने वाले महीनों में दरें स्थिर रहने के संकेत मिल सकते हैं।

Kotak Mahindra AMC की क्या राय है?

Kotak Mahindra AMC के हेड-फिक्स्ड इनकम अभिषेक बिसेन का भी मानना है कि RBI फिलहाल अपने ‘इंतजार करो और हालात देखो’ वाले रुख पर कायम रह सकता है।

उनके मुताबिक, हाल में महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता जरूर बढ़ी है, लेकिन मजबूत विदेशी निवेश, पर्याप्त खाद्यान्न भंडार और पहले से सख्त वित्तीय स्थितियों की वजह से फिलहाल ब्याज दर बढ़ाने की जरूरत नहीं दिखती।

उन्होंने कहा कि RBI अभी अपने पास विकल्प खुले रखना चाहता है और आगे आने वाले महंगाई और आर्थिक आंकड़ों के आधार पर फैसला करेगा। उन्होंने इसे क्रिकेट से जोड़ते हुए कहा कि “रेट बढ़ाने की अपील जरूर हो रही है, लेकिन अंपायर ने अभी अपनी उंगली नहीं उठाई है।”

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First Published - August 3, 2026 | 3:18 PM IST

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