सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अब खाद्य नहीं, पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ना होगा
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की पांच एजेंसियों, खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी), अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी), यूनिसेफ और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने 21 जुलाई को अपनी प्रमुख वार्षिक रिपोर्ट ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी ऐंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड 2026’ जारी की। इस रिपोर्ट में विभिन्न देशों में भूख, कुपोषण तथा स्वस्थ आहार लेने की क्षमता से जुड़े नए आंकड़े […]
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नीट केवल परीक्षा नहीं, सामाजिक बदलाव का माध्यम भी है
छात्र आंदोलनों पर तीखी सार्वजनिक बहस के दौरान इस विषय पर गंभीर, व्यापक और गहन चर्चा देखने को मिली, जो स्वागत योग्य है। जब इस आंदोलन की कमान युवाओं ने संभाली तब खास तौर पर लोगों में आलोचना के बजाय सहानुभूति ज्यादा दिखी। आजकल किसी भी मुद्दे पर लोगों को अक्सर या तो ‘भक्त’ कहकर […]
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Editorial: राज्यों का बढ़ता कर्ज और घाटा अर्थव्यवस्था के लिए क्यों है चिंता का विषय?
इक्रा की इस सप्ताह प्रकाशित एक नई रिपोर्ट ने राज्य सरकारों की वित्तीय कमजोरी को रेखांकित किया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकारों द्वारा जारी प्रतिभूतियों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वित्त वर्ष 2027-28 से लेकर वित्त वर्ष 2031-32 के बीच परिपक्व हो जाएगा। इनकी कुल राशि लगभग 24 लाख करोड़ रुपये होगी। मार्च 2026 के […]
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कमजोर रुपया हमेशा बुरा नहीं, जानें कैसे बढ़ा सकता है निर्यात और आर्थिक वृद्धि?
मिल्टन फ्राइडमैन ने आर्थिक बहसों के बारे में एक बार बहुत काम की बात कही थी। अलग–अलग वैचारिक नजरिये वाले अर्थशास्त्रियों को एक कमरे में रख दीजिए और गैर अर्थशास्त्रियों को दूसरे कमरे में। दोनों समूहों से आर्थिक नीति पर चर्चा करने को कहिए। अधिकतर मुद्दों पर अर्थशास्त्री एक दूसरे से इतना असहमत नहीं होंगे, […]
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