कॉरपोरेट कानून: कम झमेलों के साथ मजबूत संचालन, कारोबार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026, भारत के निगमित नियामकीय ढांचे के सतत विकास में एक स्वागत योग्य कदम है। गत 23 मार्च को लोक सभा में पेश इस विधेयक में कंपनी अधिनियम, 2013 और सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) अधिनियम, 2008 में व्यापक संशोधन के प्रस्ताव दिए गए हैं जिनका उद्देश्य संचालन मजबूत करने के साथ […]
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Editorial: UPI फ्रॉड पर RBI का एक्शन डिजिटल सुरक्षा के लिए जरूरी
अपनी शुरुआत के एक दशक बाद यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई देश की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का अनिवार्य अंग बन चुका है। यह तेज गति से मुद्रा हस्तांतरण से लेकर परस्पर संचालन के जरिये विभिन्न प्लेटफॉर्म और संस्थानों के बीच अबाध गति से लेनदेन सुनिश्चित करता है। 45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ यह […]
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फोड़े के इलाज के लिए जानलेवा इंजेक्शन? FCRA संशोधन बिल को लेकर चिंता क्या वाकई सही है
विदेशी अंशदान नियामक अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों ने सामाजिक नागरिक संगठनों (सीएसओ) के बीच चिंता के हालात बना दिए हैं। यह चिंता बेवजह नहीं है और हमें राज्य के इस अतिक्रमण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इससे पहले कि हम इस तर्क के सही-गलत होने पर विचार करें, हमें यह समझना होगा कि […]
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अमेरिका-ईरान युद्ध ने दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का लाया सामने
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के विरुद्ध जो विनाशकारी युद्ध छेड़ा उसने दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति में उथलपुथल पैदा कर दी है। अमीर और गरीब दोनों तरह के मुल्क अपने नागरिकों को चेतावनी दे रहे हैं कि मुश्किल समय आने वाला है। ऐसा संकट जो शायद इस पीढ़ी ने तो नहीं झेला यानी ऊर्जा (ईंधन) […]
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