Editorial: नई यूरिया नीति ही काफी नहीं, सब्सिडी सुधार अब भी जरूरी
नई राष्ट्रीय यूरिया नीति कृषि क्षेत्र से जुड़े इस महत्त्वपूर्ण कच्चे माल से जुड़ी समस्या का आंशिक समाधान प्रस्तुत करती है। इसका उद्देश्य यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है ताकि इसे वैश्विक आपूर्ति झटकों से बचाया जा सके। भारत अपनी वार्षिक 4 करोड़ टन यूरिया मांग का 25 फीसदी आयात करता है। पश्चिम एशिया […]
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बैंकों में उच्च पदों के लिए लोगों की उपलब्धता सीमित क्यों?
मुंबई की मॉनसूनी बारिश ने मुझे दो बैंकर मित्रों के साथ कॉफी पर एक शाम बिताने पर विचार के लिए ‘हां’ कहने को प्रेरित किया, जो एचडीएफसी बैंक के अगले अंशकालिक चेयरमैन के बारे में अटकलबाजी का आनंद ले रहे थे । 1985 बैच के आईएएस अधिकारी और आर्थिक मामलों तथा निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति […]
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विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए मजबूत BIT और भरोसेमंद नीतियां हैं जरूरी
आर्थिक जगत अब द्विपक्षीय निवेश संधियों (बीआईटी) पर हमारी गलतियों को लेकर जागरूक हो गया है। बुनियादी रूप से भारत के लिए यह बेहतर है कि वह हर साल एक बड़ी राशि का भुगतान करे और बदले में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में शामिल विशाल धनराशि को स्थिर बनाए। भारत के सबसे अधिक हित में […]
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Editorial: सेवा उत्पादन सूचकांक से मिलेगी अर्थव्यवस्था की सटीक तस्वीर
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सेवा उत्पादन का परीक्षण सूचकांक (आईएसपी) मंगलवार को जारी किया। यह उच्च आवृत्ति वाले ऐसे संकेतक के रूप में काम करेगा जो सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक आर्थिक गतिविधियों को मापेगा। यद्यपि एक समग्र सूचकांक आंकड़ा नहीं दिया गया है लेकिन यह सेवा क्षेत्र के मापन की गतिविधियों में एक […]
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