दिग्गज ऑनलाइन ट्रेवल प्लेटफॉर्म MakeMyTrip भारतीय शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी में है। ‘Nasdaq’ पर लिस्टेड MakeMyTrip ने शुक्रवार को बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय इकाई MMT India ने IPO के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है। कंपनी ने यह दस्तावेज गोपनीय आधार पर जमा कराया है। इस IPO के जरिए कंपनी भारतीय शेयर बाजारों, यानी BSE और NSE पर लिस्ट होगी। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी इस भारतीय IPO के जरिए 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रुपये) तक जुटाने की योजना बना रही है।
बता दें कि MakeMyTrip भारत का सबसे बड़ा ट्रेवल एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म है। यह कंपनी साल 2010 में अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि इस भारतीय IPO के तहत MakeMyTrip और उसकी सिंगापुर स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी, इबीबो ग्रुप होल्डिंग्स अपने इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगी। हालांकि, IPO के बाद भी MMT India मुख्य कंपनी MakeMyTrip की सब्सिडियरी बनी रहेगी और इसके आर्थिक नतीजे MakeMyTrip के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में शामिल होते रहेंगे।
कंपनी का मानना है कि इस IPO और भारत में लिस्टिंग से उसके ब्रांड की साख और विजिबिलिटी बढ़ेगी। आजकल टेक कंपनियों के बीच टैलेंट को अपने साथ जोड़ने की भारी होड़ मची है, ऐसे में भारत में लिस्ट होने से MMT India को बेहतरीन प्रोफेशनल्स को आकर्षित करने और उन्हें इंसेंटिव देने में मदद मिलेगी। इस IPO में शेयरों की बिक्री से जो पैसा MakeMyTrip और इबीबो होल्डिंग्स को मिलेगा, उससे मुख्य कंपनी की कैश पोजीशन और मजबूत होगी।
इस रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने लॉन्ग-टर्म बिजनेस की ग्रोथ, रणनीतिक तौर पर दूसरी कंपनियों को खरीदने (इनऑर्गेनिक इनिशिएटिव्स) और सिक्योरिटीज (कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज सहित) को रीपर्चेज करने के लिए करेगी।
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नियामक मंजूरियों के बाद, कंपनी आने वाले समय में एक और बड़े विकल्प पर विचार कर सकती है। MakeMyTrip के मुताबिक, मध्यम अवधि (medium term) में वह ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करेगी जिससे शेयरधारकों को एक ऐसा सिक्योरिटी टूल मिल सके, जो भारत और अमेरिका दोनों बाजारों में आसानी से ट्रेड हो सके और जिसका फायदा दोनों देशों के निवेशकों को मिले।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस दोहरी लिस्टिंग से अमेरिका और भारत दोनों देशों में अलग-अलग करेंसी में एक साथ ट्रेडिंग हो सकेगी। इससे कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ेगी और मार्केट में इसकी वैल्यूएशन भी बेहतर होगी।
जून के महीने में MakeMyTrip के CEO राजेश मागो ने संकेत दिए थे कि कंपनी भारत में IPO लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा था कि भारत का ट्रेवल मार्केट अब पूरी तरह मैच्योर हो चुका है, यहां बड़े पैमाने पर संस्थागत पूंजी (Institutional Capital) आ रही है और ट्रेवल पर लोगों का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।
राजेश मागो ने भारतीय बाजार में आने की एक बड़ी वजह अमेरिकी बाजार में आए बदलाव को भी बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में इस वक्त पूरा ध्यान और पैसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करने वाली कंपनियों की तरफ जा रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारत जैसे बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका की उन चुनिंदा कंपनियों में लगा रहे हैं जो पूरी तरह AI पर केंद्रित हैं। इस हाइप की वजह से MakeMyTrip जैसी दूसरी मजबूत कंपनियों को वहां उतना ध्यान नहीं मिल पा रहा है, जितना मिलना चाहिए।
इसके विपरीत, भारत में इंटरनेट और टेक कंपनियों के IPO को निवेशक हाथों-हाथ ले रहे हैं और यहां कंपनियों को अच्छी वैल्यूएशन मिल रही है। इसलिए कंपनी के लिए भारत की तरफ रणनीतिक रूप से रुख करना सही कदम है।
मार्च 2026 को समाप्त हुए पूरे वित्त वर्ष के लिए MakeMyTrip का राजस्व 1 अरब डॉलर रहा है। हालांकि, Tracxn के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में गिरावट आई है। मई 2025 में जो मार्केट कैप 12.6 अरब डॉलर था, वह अप्रैल 2026 तक घटकर 3.88 अरब डॉलर रह गया।
इसके बावजूद कंपनी के पास पर्याप्त कैश है और वह छोटे व खास सेक्टर्स में काम करने वाली कंपनियों को खरीदकर अपना दायरा बढ़ा रही है। हाल ही में कंपनी ने रीजनल ग्रुप हॉलिडे पैकेज बिजनेस से जुड़ी कंपनी ‘फ्लेमिंगो ट्रांसवर्ल्ड’ में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी है। इसके साथ ही, काम को बेहतर बनाने के लिए कंपनी अपने पूरे काम में AI को तेजी से इस्तेमाल कर रही है।