Categories: लेख

ब्रांडेड होता मोबाइल का रिटेल कारोबार

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 2:02 AM IST

मोबाइल रिटेल बाजार में इन दिनों तगड़ी प्रतिस्पर्धा मची हुई है। स्पाइस मोबाइल की मोबाइल रिटेल इकाई हॉट स्पॉट को प्रतिद्वंदी कंपनियों की मोबाइल रिटेल श्रंखलाओं से कड़ी चुनौती मिल रही है।


वास्तव में इस बाजार में हॉट स्पॉट, मोबाइल स्टोर, सुभिक्षा मोबाइल और एम बाजार जैसी रिटेल श्रंखलाओं के बीच बाजार में अधिक से अधिक पैठ बनाने की होड़ मची हुई है।

हॉट स्पॉट के मुख्य कार्यकारी संजीव महाजन भी इसे लेकर रणनीति बनाने मे मशगूल हैं। हॉट स्पॉट इस बाजार की अगुआ है और महाजन सोच में डूबे हुए हैं कि कैसे हॉट स्पॉट की नंबर एक की गद्दी बरकरार रखी जाए। इसके लिए महाजन कुछ योजनाएं भी बना रहे हैं। महाजन कहते हैं कि कंपनी की योजना इस साल के आखिर तक देश भर में मोबाइल फोन, कनेक्शन और एसेसरीज से जुड़े तकरीबन 1000 रिटेल स्टोर खोलने की है।

उनका कहना है कि हम हर दिन एक नया आउटलेट खोलेंगे। फिलहाल कंपनी के प्रमुख शहरों में 325 हॉट स्पॉट आउटलेट हैं। इस कंपनी ने 2 साल पहले ही मोबाइल रिटेल के कारोबार में कदम रखा था। ऐसा नहीं है कि केवल महाजन की कंपनी की ही बड़ी योजनाएं हैं। सुभिक्षा भी इस होड़ में किसी लिहाज से पीछे नहीं रहना चाहती। सुभिक्षा के प्रबंध निदेशक आर. सुब्रमणियन कहते हैं कि उनके रिटेल आउटलेट भी जल्द ही दोगुने हो जाएंगे।

दरअसल सुभिक्षा अपने खुद के और किसी अन्य दुकान के अंदर वाले दोनों तरह के आउटलेटों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है। अभी सुभिक्षा के 740 आउटलेट हैं। सुब्रमणियन का कहना है कि पिछले एक साल में जितनी तेजी से सुभिक्षा के कारोबार में बढ़ोतरी हुई है उतनी किसी और कंपनी के कारोबार में नहीं। उनका दावा है कि चाहे बाजार में हिस्सेदारी का मामला हो या फिर आउटलेट में बढ़ोतरी का, दोनों मामलों में सुभिक्षा ही आगे रही।

मोबाइल हैंडसेट का बाजार बहुत तेजी से फैल रहा है। रिलायंस और आदित्य बिड़ला समूह जैसी बड़ी कंपनियां भी इस बाजार का रुख कर रही हैं। पहले से मौजूद कंपनियां तो अपने पांव पसार ही रही हैं। पेंटालून रिटेल के दुबई के एक्जिओम के साथ संयुक्त उपक्रम का उदाहरण लेते हैं। भारतीय कंपनी, दुबई की इस कंपनी के साथ मिलकर अपने रिटेल आउटलेटों का कायाकल्प करने में लगी है।

गौरतलब है कि एक्जिओम, टेलीकॉम उत्पादों से जुड़ी पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी कंपनी है। करार के तहत जनता के उत्पाद पेंटालून के एम बाजार आउटलेट में बिकेंगे, जो कि कंपनी के रिटेल स्टोर बिग बाजार के साथ ही जुड़े हुए हैं जबकि लाइफस्टाइल से जुड़े उत्पाद एक्जिओम के आउटलेट के तहत ग्राहकों तक पहुंचेंगे। इस साल के आखिर तक एम बाजार के आउटलेटों की संख्या 100 से बढ़कर 428 हो जाएगी। इसके बाद कंपनी 35 एक्जिओम स्टोर भी खोलेगी।

टेलीकॉम उत्पादों का जो बाजार है वह जिस कारण से लोगों को लुभा रहा है, उसकी वजह भी नजर आती है। भारतीय मोबाइल फोन बाजार में लगभग 80 लाख नये ग्राहक हर महीने जुड़ रहे हैं। रिप्लेसमेंट का बाजार भी 55 फीसदी के आसपास पहुंच गया है और दिल्ली में तो यह 60 फीसदी के आसपास तक का है। बीसीजी के एक अध्ययन के मुताबिक 2010 तक भारत में रिप्लेसमेंट का बाजार 70 फीसदी तक पहुंच जाएगा।

यदि हैंडसेट के कारोबार को भी जोड़ दिया जाए तो यह सालाना 70,000 करोड़ रुपये के आसपास बैठता है। आखिर क्यों पेंटालून मोबाइल रिटेल के बाजार में उतरी, यह पूछने पर पेंटालून के प्रवक्ता कहते हैं कि यह मोटा कारोबार है और मुनाफा पूरी बिक्री पर मिलता है।

वैसे कहने की जरुरत नहीं है कि अभी भी यह बाजार असंगठित क्षेत्र में ही अधिक फैला है। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि संभावनाओं से भरे इस बाजार में अभी भी असंगठित क्षेत्र का ही वर्चस्व है। गली-मुहल्ले से लेकर हर जगह फैली हुई लगभग 5,00,000 दुकानों में ही यह कारोबार मुख्य रूप से केंद्रित है।

वैसे मोबाइल रिटेल स्टोर भी देश भर में तेजी से खुल रहे हैं। दरअसल छोटे दुकानदारों के मुकाबले इनके पास अधिक संसाधन हैं। हॉट स्पॉट के संजीव महाजन कहते हैं कि छोटे दुकानदारों के पास कुछ ही मॉडल होते हैं और उनका स्टॉक भी सीमित ही होता है। साथ ही हमारे स्टोर में 1,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक के मॉडल उपलब्ध हैं।

इसके अलावा ब्रांडेड आउटलेट बढ़िया सर्विस देने का दावा भी कर रहे हैं, इसके लिए उन्होंने अलग-अलग मोबाइल कंपनियों से गठजोड़ कर रखा है। हॉट स्पॉट को उम्मीद है कि वह अपने 450 गुणा 600 वर्ग फीट वाले शोरूम के जरिये बढ़िया कैमरे, आई पॉड और लैपटॉप जैसी टचीजें पेश कर इस होड़ में सबसे आगे रहेगी। इन स्टोरों में मोबाइल फोन, कनेक्शन, मैमोरी कार्ड के अलावा कई दूसरी तरह की एसेसरीज तो पहले ही मिल रही हैं।

इन स्टोरों पर ग्राहकों को कई तरह की वैल्यू एडेड सेवाएं भी दी जा रही हैं। हॉट स्पॉट में 2 महीने पहले ही म्यूजिक वीडियो डाउनलोड सेवा की शुरुआत हुई है और अब एक चिप के जरिये पूरी फिल्म ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है। महाजन कहते हैं कि कोई भी अपने मोबाइल स्क्रीन पर इस चिप के जरिये फिल्म देख सकता है। उनका यह भी कहना है कि हॉट स्पॉट पूरी तरह से वैध सामग्री मुहैया करा रहा है।

दूसरी ओर सुभिक्षा के सुब्रमणियन का कहना है कि उनके स्टोर में सबसे कम कीमत में मोबाइल हैंडसेट मिलते हैं। हालांकि वह यह भी स्वीकारते हैं कि वैल्यू एडेड सेवाओं की बिक्री में उनके स्टोर थोड़े पीछे हैं लेकिन उनकी योजना अगले 3 से 6 महीनों में इस दौड़ में भी तगड़ी छलांग लगाने की है।

ब्रांडेड कंपनियों के आउटलेट खुलने के बाद छोटे दुकानदारों के कारोबार पर संकट के बारे में ममहाजन का कहना है कि ऐसी धारणा सही नहीं है। उल्टे उन्होंने ही सवाल दाग दिया कि बड़े-बड़े स्टोर खुलने से क्या किराने की दुकानें बंद हुई हैं? महाजन का कहना है कि कई छोटे-छोटे दुकानदार तो बड़ी कंपनियों के फ्रेंचाइजी बन गए हैं।

दो साल पहले शुरू हुए मोबाइल रिटेल कारोबार की बाजार में हिस्सेदारी 15 फीसदी तक पहुंच गई है। अगले 2 से 3 साल में इसके 40 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। वैसे जब सरकार रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी दे देगी तो फिर महाजन जैसे लोगों का काम और भी मुश्किल हो जाएगा। फिर उन्हें क्रेजी जोन्स और यूरोसैट जैसी विदेशी कंपनियां से मुकाबला करना पड़ सकता है।

First Published : May 28, 2008 | 12:25 AM IST