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NPS scheme: ज्यादा लोग अपनाने लगे नैशनल पेंशन सिस्टम, NSO ने जारी किए आंकड़े

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NPS: कॉरपोरेट खंड के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, निजी लिमिटेड कंपनियों या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित अन्य में कार्यरत लोगों के लिए इस योजना की प्रकृति वैकल्पिक है।

Last Updated- February 23, 2024 | 10:00 PM IST
UPS

कॉरपोरेट खंड में औपचारिक कर्मचारियों के लिए दिसंबर में नैशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) अपनाना करीब नौ फीसदी बढ़ गया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कॉरपोरेट खंड में दिसंबर के दौरान नए मासिक सदस्यों की संख्या 8,420 रही जबकि यह नवंबर में 7,728 थी।

कॉरपोरेट खंड के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, निजी लिमिटेड कंपनियों या सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित अन्य में कार्यरत लोगों के लिए इस योजना की प्रकृति वैकल्पिक है। हाल के महीनों के दौरान इस योजना के कॉरपोरेट खंड में गिरावट आई थी। इसका कारण यह था कि नई कर व्यवस्था में पेंशन योजना में निवेश करने पर कर्मचारियों को प्रोत्साहन मुहैया नहीं करवाया गया था। हालांकि पहले कॉरपोरेट क्षेत्र में 7 लाख रुपये तक कमाने वाले कर्मचारी एनपीएस में निवेश के जरिए कर की बचत कर सकते थे।

बहरहाल, कॉरपोरेट सदस्यों की नई संख्या कुछ बढ़ी। इसका कारण यह था कि पेंशन कोष नियामकीय और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन दीपक मोहंती ने बैंकों को नए पंजीकरण करने के लिए दबाव डाला था। इस पहल का ध्येय वित्त वर्ष 24 के लिए एनपीएस में निजी क्षेत्र के लिए 13 लाख सदस्यों के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करना था।

हालांकि एनपीएस के नए सदस्यों की कुल संख्या बढ़ी है। इसमें केंद्र सरकार के कर्मचारी, राज्य सरकार के कर्मचारी और कॉरपोरेट क्षेत्र के कर्मचारी हैं और इनकी संख्या दिसंबर में गिरकर 77,656 हो गई जबकि यह बीते माह 1,08,057 थी।

हालांकि सदस्यों में केंद्रीय सरकार के सदस्यों की संख्या दिसंबर में बढ़कर 18,140 हो गई जबकि यह संख्या नवंबर में 16,737 थी। इस अवधि के दौरान राज्य कर्मचारियों के नए सदस्यों की संख्या 83,592 से गिरकर 51,096 हो गई।

केंद्र सरकार ने सभी नए कर्मचारियों के लिए एनपीएस का आदेश दिया था। लिहाजा केंद्रीय स्तर पर सरकार एनपीएस से नई भर्तियों की गणना भी कर सकती है।

हालांकि कुछ राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पंजाब ने पुरानी पेंशन व्यवस्था में लौटने की घोषणा की थी और एनपीएस को छोड़ दिया था। लिहाजा राज्य स्तर पर भर्तियों की सही गणना करने के लिए एनपीएस का इस्तेमाल नहीं हो सकता है।

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First Published - February 23, 2024 | 10:00 PM IST

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