हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने को लेकर घर खरीदारों को आगाह किया है। अथॉरिटी ने खरीदारों से अपील की है कि किसी भी प्रॉपर्टी की बुकिंग या निवेश से पहले RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन और अन्य जरूरी जानकारी जरूर जांच लें। खासकर प्री-लॉन्च ऑफर के नाम पर किए जा रहे निवेश में सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे प्रोजेक्ट्स में कानूनी और वित्तीय जोखिम अधिक हो सकते हैं।
खरीदार अक्सर प्री-लॉन्च स्टेज पर किसी प्रोजेक्ट में शामिल होने से मिलने वाले संभावित फाइनेंशियल फायदे से आकर्षित होते हैं। ORAM डेवलपमेंट्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप मिश्रा कहते हैं, “डेवलपर्स अक्सर उन खरीदारों को कम रेट ऑफ़र करते हैं जो प्री-लॉन्च स्टेज पर बुकिंग करते हैं।” पुराना अनुभव इस व्यवहार को और मजबूत कर सकता है। प्रदीप मिश्रा कहते हैं, “जिन खरीदारों को पहले प्री-लॉन्च में खरीदारी से फायदा हुआ है, वे फिर से ऐसे ही फायदे की उम्मीद करते हैं।” हालाँकि, अगर मार्केट में सुस्ती आती है, तो ऐसे हिसाब-किताब गलत साबित हो सकते हैं।
बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट में कई तरह के जोखिम हो सकते हैं। अनारॉक ग्रुप के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार कहते हैं, “हो सकता है कि प्रोजेक्ट को जरूरी मंजूरी न मिल पाए।” अगर डेवलपर बुकिंग से काफी पैसा नहीं जुटा पाता है, तो प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हो पाता। मिश्रा कहते हैं, “ऐसे हालात में, शुरुआती निवेशकों का पैसा फंस सकता है।” कंस्ट्रक्शन में देरी या काम का पूरी तरह रुक जाना भी एक चिंता की बात है। कुमार कहते हैं, “ऐसा इसलिए है क्योंकि यह पक्का करने के लिए कोई अनिवार्य एस्क्रो (escrow) व्यवस्था नहीं है कि फंड का इस्तेमाल सिर्फ उसी प्रोजेक्ट के लिए हो।” दिक्कतें सिर्फ कंस्ट्रक्शन तक ही सीमित नहीं रहतीं। कुमार बताते हैं कि जमीन के मालिकाना हक (land title) में भी गड़बड़ी हो सकती है।
सबसे पहले, यह पता लगाएं कि प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड क्यों नहीं है। यह तय करें कि क्या यह सच में छूट के दायरे में आता है, क्या इसे रजिस्टर होना चाहिए था पर नहीं हुआ, या फिर इसका रेगुलेटरी स्टेटस बदल गया है। ट्रांजैक्शन से जुड़े सभी कागज और डिजिटल रिकॉर्ड संभालकर रखें: बुकिंग और एप्लीकेशन फॉर्म, अलॉटमेंट लेटर, एग्रीमेंट, रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और UPI रिकॉर्ड, डिमांड लेटर, ब्रोशर और विज्ञापन।
साथ ही, प्रोजेक्ट का लेआउट और स्पेसिफिकेशन, डेवलपर और ब्रोकर के साथ बातचीत के रिकॉर्ड, और मंजूरी, कब्जे या RERA रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज या जानकारी भी संभालकर रखें। रस्तोगी कहते हैं, “सिर्फ इसलिए कुछ भी डिलीट या सरेंडर न करें क्योंकि प्रमोटर मामले को सुलझाने का वादा कर रहा है।” जुबानी वादों पर भरोसा न करें। आगे कोई भी कमिटमेंट करने से पहले सही कानूनी सलाह लें।
साथ ही, जब तक आप खुद प्रोजेक्ट के कानूनी स्टेटस का पता न लगा लें, तब तक कोई अतिरिक्त पेमेंट न करें और न ही कोई नया एग्रीमेंट साइन करें। अगर प्रोजेक्ट के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी था, लेकिन प्रमोटर ने बिना रजिस्ट्रेशन के ही उसकी मार्केटिंग या बिक्री की, तो RERA में शिकायत दर्ज करें।
सिद्दीकी कहते हैं, “ऐसे प्रोजेक्ट में यूनिट की मार्केटिंग, विज्ञापन, बुकिंग या बिक्री करना, जिसका रजिस्ट्रेशन होना चाहिए था लेकिन नहीं हुआ है, एक्ट की धारा 59(2) के तहत प्रमोटर के लिए सजा-योग्य अपराध है।” खरीदार सर्विस में कमी या गलत व्यापारिक तरीकों (अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस) के दावों के लिए कंज्यूमर फोरम का भी रुख कर सकते हैं। सिद्दीकी कहते हैं, “कंज्यूमर से जुड़ी कार्यवाही RERA में की गई शिकायत के साथ-साथ चल सकती है।”
अगर तथ्यों से पता चलता है कि मामला ज्यादा गंभीर गड़बड़ी का है, तो अतिरिक्त कार्रवाई की जरूरत पड़ सकती है। सिद्दीकी कहते हैं, “अगर सीधे तौर पर धोखाधड़ी, जाली मंजूरी या प्रमोटर के पैसे लेकर भागने जैसे संकेत मिलते हैं, तो पुलिस या इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को भी शामिल किया जाना चाहिए।”
ट्रांजैक्शन में शामिल एजेंट के रजिस्ट्रेशन स्टेटस की भी जांच करें। खरीदार प्रमोटर के साथ-साथ एजेंट के खिलाफ भी शिकायत कर सकते हैं। सिद्दीकी कहते हैं, “बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट की बिक्री में मदद करने वाले एजेंट धारा 9 के तहत अलग से जिम्मेदार होते हैं और नियमों का उल्लंघन जारी रखने पर उन्हें रोजाना जुर्माना भरना पड़ सकता है।”
• बुकिंग की रकम देने से पहले पक्का करें कि प्रोजेक्ट का राज्य के RERA पोर्टल पर एक्टिव RERA रजिस्ट्रेशन है
• रजिस्ट्रेशन नंबर को ब्रोशर, विज्ञापनों और एग्रीमेंट के ड्राफ्ट से मिलाएं
• प्रमोटर या कंपनी के नाम को ब्रोशर, विज्ञापनों और एग्रीमेंट के ड्राफ्ट से मिलाएं
• प्रोजेक्ट के सही नाम और मंजूरी मिली लोकेशन को ब्रोशर और एग्रीमेंट के ड्राफ्ट से मिलाएं
• प्रोजेक्ट के डॉक्यूमेंट्स के आधार पर रजिस्ट्रेशन की वैलिडिटी की अवधि जांचें
• प्रमोटर के नाम में अंतर या एक्सपायर हो चुके रजिस्ट्रेशन को चेतावनी का संकेत (red flag) मानें
स्रोत: अनारॉक ग्रुप