Axis Bank Credit Card Rules: एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक 28 अगस्त से अपने कई क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इन बदलावों का असर विदेश में किए जाने वाले कुछ ट्रांजैक्शन, लेट पेमेंट फीस और रिवॉर्ड पॉइंट्स पर पड़ेगा।
हालांकि, सभी कार्ड पर एक जैसे नियम लागू नहीं होंगे। कार्ड के प्रकार के आधार पर चार्ज और नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को अपने कार्ड पर लागू नए नियम जरूर जांच लेने चाहिए।
Axis Bank कुछ कार्ड पर Dynamic Currency Conversion यानी DCC का चार्ज बढ़ाने जा रहा है। ज्यादातर प्रभावित कार्डों पर DCC मार्कअप 1.5 फीसदी से बढ़कर 3.5 फीसदी हो जाएगा।
DCC की सुविधा तब मिलती है, जब विदेश में कोई मर्चेंट, वेबसाइट या ATM ग्राहक को स्थानीय करेंसी के बजाय भारतीय रुपये में भुगतान करने का विकल्प देता है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी योग्य ट्रांजैक्शन की कीमत भारतीय रुपये में ₹1 लाख के बराबर है और ग्राहक DCC के जरिए रुपये में भुगतान करता है, तो 3.5 फीसदी मार्कअप के हिसाब से ₹3,500 का चार्ज लगेगा। इस पर लागू टैक्स अलग से हो सकता है। पहले 1.5 फीसदी मार्कअप के हिसाब से यह चार्ज ₹1,500 होता था।
हालांकि, सभी कार्ड पर 3.5 फीसदी DCC मार्कअप लागू नहीं होगा। उदाहरण के लिए, Magnus और Magnus for Burgundy कार्ड पर DCC मार्कअप 2 फीसदी किया जा रहा है, जबकि Olympus कार्ड के लिए यह दर 1.8 फीसदी होगी।
DCC और सामान्य विदेशी मुद्रा ट्रांजैक्शन अलग-अलग होते हैं। अगर विदेश में पेमेंट करते समय मर्चेंट रुपये या स्थानीय करेंसी में भुगतान का विकल्प देता है, तो आमतौर पर स्थानीय करेंसी में भुगतान करना बेहतर माना जाता है। ऐसे में कार्ड पर लागू सामान्य विदेशी मुद्रा शुल्क लग सकता है, लेकिन DCC मार्कअप से बचा जा सकता है।
Axis Bank ने क्रेडिट कार्ड की लेट पेमेंट फीस के स्लैब में भी बदलाव किया है। ₹50,000 से कम के बकाया पर फीस में बदलाव नहीं किया गया है, जबकि ₹50,000 से ज्यादा के बकाये पर अधिकतम लेट पेमेंट फीस ₹1,300 होगी।
नए स्लैब इस तरह हैं:
इस तरह बड़े बकाये वाले ग्राहकों पर पहले की तुलना में अधिकतम ₹100 तक अतिरिक्त लेट फीस का असर पड़ सकता है।
हालांकि, क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर नहीं करने का सबसे बड़ा नुकसान सिर्फ लेट फीस नहीं है। बकाया रकम पर लगने वाला ब्याज ग्राहक की लागत को काफी बढ़ा सकता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि हर महीने पूरा बिल समय पर चुकाया जाए।
28 अगस्त से Axis Bank के कई कार्ड पर ब्रिज फीस, रोड फीस और टोल पेमेंट करने पर रिवॉर्ड नहीं मिलेगा।
इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो क्रेडिट कार्ड से टोल या रोड से जुड़े भुगतान करके रिवॉर्ड पॉइंट्स जमा करते थे।
गिफ्ट कार्ड की खरीदारी पर पहले से रिवॉर्ड नहीं मिलता था। अब बैंक इसे अलग Gift Card कैटेगरी में रखेगा। ऐसे ट्रांजैक्शन स्पेंडिंग आधारित फीस माफी या किसी खास माइलस्टोन को पूरा करने में भी शामिल नहीं होंगे।
कई क्रेडिट कार्ड में एक साल में तय रकम खर्च करने पर फीस माफी, बोनस रिवॉर्ड या दूसरे फायदे मिलते हैं। ऐसे में ग्राहकों को अब यह ध्यान रखना होगा कि हर तरह का खर्च उनके कुल योग्य खर्च में शामिल नहीं होगा।
अगर कोई ग्राहक टोल या गिफ्ट कार्ड की खरीदारी के जरिए अपने सालाना खर्च का लक्ष्य पूरा करने की योजना बना रहा था, तो उसे नए नियमों के बाद अपनी गणना बदलनी होगी।
Axis Bank ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर ग्राहक पूरा बकाया नहीं चुकाता और केवल कुछ रकम का भुगतान करता है, तो उस रकम को एक तय क्रम में एडजस्ट किया जाएगा।
सबसे पहले भुगतान लागू फीस और चार्ज, टैक्स समेत, फिर EMI, ब्याज, खरीदारी से जुड़ी रकम और उसके बाद कैश एडवांस की ओर एडजस्ट होगा।
इसका मतलब है कि केवल क्रेडिट कार्ड बिल का कुछ हिस्सा जमा कर देने से जरूरी नहीं कि ग्राहक की पसंद वाली बकाया रकम पहले कम हो।
Axis Bank के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को 28 अगस्त से पहले अपने कार्ड पर लागू नए नियमों की जांच कर लेनी चाहिए। खास तौर पर इन बातों का ध्यान रखें:
इन बदलावों का असर हर Axis Bank क्रेडिट कार्ड पर एक जैसा नहीं होगा। DCC मार्कअप और दूसरे नियम कार्ड वेरिएंट के हिसाब से अलग हो सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को बैंक की ओर से अपने खास कार्ड के लिए भेजे गए नोटिस और संशोधित शर्तों को ही अंतिम आधार मानना चाहिए।
विदेश यात्रा करने वाले ग्राहकों के लिए DCC मार्कअप में बदलाव सबसे अहम है, जबकि नियमित कार्ड यूजर्स के लिए टोल और रोड पेमेंट पर रिवॉर्ड खत्म होना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।