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Income Tax Slabs: ₹12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री, फिर भी क्यों है 10% का स्लैब? समझें पूरी कैलकुलेशन

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Income Tax Slabs: सैलरी वाले कर्मचारियों और पेंशन लेने वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है।

Last Updated- February 04, 2025 | 12:18 PM IST
Income Tax
Representative image

Income Tax Slabs: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में इनकम टैक्स में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली है। अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इस फैसले से लाखों करदाताओं को फायदा होगा और उनकी बचत बढ़ेगी।

सैलरी वाले कर्मचारियों और पेंशन लेने वालों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इससे उनकी टैक्स-फ्री आय बढ़कर 12.75 लाख रुपये हो गई है। अगर वे अन्य कटौतियों का फायदा लेते हैं, तो यह सीमा और भी ज्यादा हो सकती है।

पहले 7.75 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं लगता था, लेकिन अब इस सीमा में बड़ा इजाफा किया गया है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह भी पढ़ें: Budget 2025: कैसे 10 में से 9 टैक्सपेयर्स को अब एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा? आंकड़ों से समझिए

लोगों में ये कंफ्यूजन है कि अगर 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना है, तो फिर टैक्स स्लैब क्यों बनाए गए हैं।

आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि इसका क्या मतलब है…

12.75 लाख की इनकम पर कोई टैक्स क्यों नहीं लगेगा? जानें आसान भाषा में

न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स का हिसाब

0-4 लाख रुपये की आय: कोई टैक्स नहीं
4-8 लाख रुपये की आय: 5 प्रतिशत टैक्स
8-12 लाख रुपये की आय: 10 प्रतिशत टैक्स
12-16 लाख रुपये की आय: 15 प्रतिशत टैक्स
16-20 लाख रुपये की आय: 20 प्रतिशत टैक्स
20-24 लाख रुपये की आय: 25 प्रतिशत टैक्स
24 लाख रुपये से अधिक की आय: 30 प्रतिशत टैक्स

अब समझें 12.75 लाख की इनकम कैसे टैक्स फ्री होगी?

न्यू टैक्स रिजीम में सरकार 60,000 रुपये की रिबेट देगी। इसका मतलब है कि अगर आपकी टैक्स देनदारी 60,000 रुपये से कम है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।

12 लाख की इनकम पर टैक्स कैसे बनता है:

0 से 4 लाख रुपये तक पर कोई टैक्स नहीं।
4 से 8 लाख रुपये तक पर 5% टैक्स = 20,000 रुपये
8 से 12 लाख रुपये तक पर 10% टैक्स = 40,000 रुपये
कुल टैक्स देनदारी = 60,000 रुपये
सेक्शन 87A के तहत टैक्सपेयर्स का 60,000 रुपये का टैक्स माफ करने का प्रावधान है।

अब इसमें 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ें, तो 12.75 लाख रुपये की इनकम भी टैक्स फ्री हो जाती है।

यह भी पढ़ें: Budget 2025: TDS में राहत से लेकर हाऊस प्रॉपर्टी टैक्स तक, जानें 5 बड़ी सौगातें

कैसे मिलेगा टैक्स रिबेट का फायदा?

न्यू टैक्स रिजीम के तहत सेक्शन 87A के जरिए सरकार ने करदाताओं को 60,000 रुपये तक की रिबेट देने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि अगर आपकी टैक्स देनदारी 60,000 रुपये या इससे कम है, तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। इस तरह से FY 25-26 के लिए रिबेट और स्टैंडर्ड डिडक्शन मिला कर 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाएगी।

यह भी पढ़ें: ₹12.75 लाख तक की इनकम पर नहीं लगेगा ₹1 भी टैक्स! जानें 15, 20, 25 लाख की आय पर कितना बचा लेंगे टैक्स

पहले कैसा था और अब क्या बदला है?

पहले यह छूट सिर्फ 7 लाख रुपये तक की आय वालों को मिलती थी और इसका फायदा 25,000 रुपये तक होता था।
अब 12 लाख रुपये तक की आय वालों को 60,000 रुपये की टैक्स छूट मिल रही है।

Section 87A के तहत Tax Rebate कैसे पाएं?

  • सालाना कुल आय की गणना करें: सबसे पहले अपनी ग्रॉस टोटल इनकम का पता लगाएं।
  • टैक्स बचत और निवेश घटाएं: टैक्स सेविंग स्कीम, निवेश और अन्य टैक्स कटौती को घटाएं।
  • कुल टैक्सेबल इनकम निकालें: कटौती के बाद जो इनकम बचती है, उसे कुल टैक्सेबल इनकम मानें।
  • ITR में डिक्लेयर करें: अपनी ग्रॉस इनकम और टैक्स कटौती की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में दर्ज करें।
  • Section 87A के तहत Rebate का क्लेम करें: अगर आपकी taxable income न्यू टैक्स रिजीम में ₹12 लाख से कम है या ओल्ड टैक्स रिजीम में ₹5 लाख से कम है, तो आप tax rebate का फायदा ले सकते हैं। बजट 2025 के प्रावधान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए धारा 87A के तहत अधिकतम टैक्स छूट को बढ़ाकर ₹60,000 कर दिया गया है। इसका फायदा उन टैक्सपेयर्स को होगा, जो नई टैक्स प्रणाली को अपनाएंगे और उनकी आय तय सीमा के भीतर होगी।

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First Published - February 4, 2025 | 11:28 AM IST

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