स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरोंं में तेजी जारी है और एसऐंडपी बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स गुरुवार को कारोबारी सत्र में नई ऊंचाई को छू गया। केमिकल, सीमेंट, ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड निर्माताओं, दवा और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में तेजी के कारण स्मॉलकैप इंडेक्स में इजाफा देखने को मिला है।
25 मार्च के बाद से पिछले दो हफ्ते में इंडेक्स ने 7.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज कर बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। इसकी तुलना में एसऐंडपी बीएसई मिडकैप इंडेक्स 6.1 फीसदी चढ़ा है जबकि बीएसई सेंसेक्स ने इस अवधि में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है।
इस तेजी की बड़ी वजह पिछले कुछ महीनों में हुआ आर्थिक सुधार है, जिसके बारे में विश्लेषकों का मानना है कि छोटे व मझोली कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा निवेशकों ने कामयाबी देखी है और बाजार के इस क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में अच्छा रिटर्न हासिल किया है। विश्लेषकों ने कहा कि यह कुछ समय और जारी रह सकता है, लेकिन निवेशकों को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्हें कंपनी की बढ़त के परिदृश्य के मुताबिक ही शेयर चुनना चाहिए।
आईडीबीआई कैपिटल के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर ने कहा, निवेशक चुनिंदा रुख अपना रहे हैं और उन कंपनियों में निवेश कर रहे हैं जहां वे बढ़त के मौके देख रहे हैं। व्यापक स्तर पर सूचकांकों में उतारचढ़ाव रह सकता है, लेकिन बाजार में निवेश के मौके हैं, खास तौर से स्मॉलकैप में। उन्हें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि कोविड के बढ़ते मामले और चुनिंदा शहरों में आवागमन पर रोक से आर्थिक सुधार व कारोबार पर चोट पड़ सकती है।
वैयक्तिक शेयरों में एचईजी, ग्रेफाइट इंडिया, हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजिज, एनआईआईटी, सिग्निटी टेक, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्युशंस, सोनाटा सॉफ्टवेयर, रूट मोबाइल, डॉ. लाल पैथलैब्स, न्यूलैंड लैबोरेटरीज, लॉरस लैब्स, पैनेसिया बायोटेक और सीक्वेंट साइंटिफि कुछ ऐसे स्मॉलकैप शेयर हैं, जो हाल में चर्चा में रहे हैं।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी जी चोकालिंगम के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 मिड व स्मॉलकैप क्षेत्रों का साल रहेगा। उनका अनुमान है कि आने वाले समय में ये क्षेत्र अपने लार्जकैप समकक्ष कंपनियों को पीछे छोड़ देंगे।
चोकालिंगम ने कहा, पिछले कुछ महीनों में स्मॉल व मिडकैप की हालिया तेजी के शीर्ष में खुदरा निवेशक रहे हैं। स्मॉलकैप में उनकी दिलचस्पी वित्त वर्ष 22 में भी बनी रह सकती है। साल 2018 के निचले स्तर से स्मॉलकैप में काफी तेजी आई है, लेकिन कुछ शेयर अभी भी आकर्षक मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। इसके अतिरिकक्त प्राइवेट इक्विटी कंपनियां चुनिंदा लार्जकैप में निवेश कर रही हैं और उनका यह रुख मिड व स्मॉलकैप की ओर भी बढ़ सकता है। ये सभी चीजें अगले कुछ महीने में स्मॉलकैप की रफ्तार बनाए रखेंगे, लेकिन इसके लिए जरूरी यह है कि बाजार में कोई जोखिम न उभरे।
कोविड से जुड़े अवरोध के बावजूद भारतीय बाजारों के लिए वित्त वर्ष 21 एक दशक का सबसे अच्छा वित्त वर्ष रहा है। सेंसेक्स व निफ्टी में क्रमश: 68 व 71 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है जबकि मिड व स्मॉलकैप की बढ़त उससे भी ज्यादा क्रमश: 91 फीसदी व 115 फीसदी रही है।