facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

भारतीय इक्विटी बाजारों की परेशानी और बढ़ेगी

सितंबर के अंत में बाजारों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने तक 12.1 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे थे। उसके बाद से उन्होंने 25 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए हैं

Last Updated- February 20, 2025 | 11:08 PM IST
share market

भारतीय शेयरों में लगभग 5 महीने से चली आ रही गिरावट जारी रह सकती है क्योंकि कंपनियों की आय वृद्धि में सुस्ती और विदेशी निवेशकों की निकासी बरकरार रहेगी। फंड प्रबंधकों और विश्लेषकों का मानना है कि इसकी वजह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में कमजोरी दिखना है।

देश की शीर्ष कंपनियों की मुनाफा वृद्धि में तेज़ गिरावट के कारण यह फिसलन शुरू हुई। ब्रोकरेज आंकड़ों के अनुसार निफ्टी 50 कंपनियों की आय में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 5 फीसदी की वृद्धि हुई जो दो वर्षों में दो अंकों की उछाल के बाद लगातार तीसरी तिमाही में एक अंक की वृद्धि है। इसकी बड़ी वजह ऊंची कीमतें और मामूली आय वृद्धि के बीच शहरी मांग कमज़ोर पड़ना रही। इस वजह से भारत की आर्थिक वृद्धि इस वित्त वर्ष में घटकर चार साल के निचले स्तर 6.4 फीसदी रहने की उम्मीद है।

कोटक म्युचुअल फंड में इक्विटी के मुख्य निवेश अधिकारी और अध्यक्ष हर्ष उपाध्याय ने कहा कि कंपनियों की आय उम्मीद से कम होने और अमेरिकी शुल्कों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के साथ सभी क्षेत्रों में बाजारों का रिटर्न और नरम रह सकता है। कोटक फंड करीब 56 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करता है। अधिकांश विश्लेषकों को उम्मीद है कि बाजार की कमजोरी कम से कम मार्च आखिर तक जारी रहेगी।

कभी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था की वृद्धि रुकने के साथ ही विदेशी निवेशक भी भारी संख्या में बाहर निकल गए हैं। उन्होंने 2024 की शुरुआत से लेकर सितंबर के अंत में बाजारों के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने तक 12.1 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे थे। उसके बाद से उन्होंने 25 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए हैं जिनमें 2025 की शुरुआत से बेचे गए 12.31 अरब डॉलर के शेयर हैं।
फंड मैनेजरों का भारत के लिए आवंटन दो साल के निचले स्तर पर है। बैंक ऑफ अमेरिका की ओर से इस सप्ताह जारी सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है जिनमें से 19 फीसदी की शुद्ध रूप से अंडरवेट वाली पोजीशन है। एशियाई देशों में केवल थाईलैंड का प्रदर्शन ही इससे खराब रहा। जेनस हेंडरसन इन्वेस्टर्स में एशिया (जापान को छोड़कर) इक्विटी टीम के पोर्टफोलियो मैनेजर सत दुहरा ने कहा कि चीन के हालिया प्रदर्शन ने भी विदेशी फंडों को अपनी ओर खींच लिया है।

भारत की धीमी होती अर्थव्यवस्था का मतलब यह भी है कि कंपनियों के मुनाफे में तेजी आने की संभावना नहीं है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने ट्रैक की जाने वाली 51 फीसदी कंपनियों के लिए पूरे साल का लाभ का अनुमान कम कर दिया है जबकि जेपी मॉर्गन का कहना है कि अगले वित्त वर्ष के लिए उम्मीदें अभी भी ज्यादा हैं। दुहरा ने कहा कि कमजोर आय और ऊंचे मूल्यांकन के चलते भारत पर कई तिमाहियों तक दबाव बने रहने की आशंका है। बाजारों में गिरावट के बावजूद शेयरों का मूल्यांकन अभी भी कुछ मानकों से ऊंचा है।

First Published - February 20, 2025 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट