शेयर बाजार पिछले सत्र में 10 महीने के निचले स्तर तक गिरने के बाद मंगलवार को तेजी से ऊपर उठे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और खाड़ी युद्ध जल्द समाप्त होने की उम्मीदों ने बाजार को मजबूती दी। बेंचमार्क सेंसेक्स 640 अंक यानी 0.8 फीसदी बढ़कर 78,206 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 234 अंक यानी 1 फीसदी बढ़कर 24,262 पर टिका। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 447 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति के यह संकेत देने के बाद कि ईरान में सैन्य अभियान उनकी पहले की चार से पांच सप्ताह की समयसीमा से पहले ही खत्म होने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह तेहरान के साथ बातचीत के लिए तैयार हो सकते हैं। इन सबसे बाजार में निवेशकों का मनोबल बढ़ा।
प्रमुख उत्पादकों के आपूर्ति में कटौती करने और खाड़ी में बढ़ते तनाव से शिपिंग में बाधा की आशंकाओं के कारण सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 116.8 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन बाद में घटकर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल रह गईं। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा ढोने वाला होर्मुज रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे भारत जैसे प्रमुख आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है
एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति और आर्थिक व्यवधान को लेकर चिंताएं कम हुईं। बाजार के उतार-चढ़ाव बताने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 19.08 फीसदी गिरकर 18.9 पर आ गया। मंगलवार को आई तेज गिरावट के बावजूद भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण भय बताने वाला सूचकांक अभी भी ऊंचा बना हुआ है।
बाजार में बढ़त व्यापक चौतरफा थी। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.6 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.1 फीसदी का इजाफा हुआ। बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत रहा और बीएसई पर 3,053 शेयरों में बढ़त और 1,231 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सूचकांक के प्रमुख शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक ने सेंसेक्स की बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान दिया और उसमें 2.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद एचडीएफसी बैंक का स्थान रहा, जिसमें 1.2 फीसदी का इजाफा हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ट्रंप के उन बयानों के बाद जिनमें उन्होंने युद्ध के खत्म होने का संभावित संकेत दिया था, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई और वैश्विक बाजार में हुआ सुधार दलाल पथ पर भी नजर आया। हालांकि, वीआईएक्स के उच्च स्तरों ने अंतर्निहित अनिश्चितता का संकेत देना जारी रखा है। निकट भविष्य में बाजारों के सतर्क रहने की संभावना है और निवेशक भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों पर करीब से नजर रखेंगे। हालात में ज्यादा स्पष्टता आने पर हाल की अस्थिरता से सबसे अधिक प्रभावित सेक्टरों में खरीद को बढ़ावा मिल सकता है।
तकनीकी विश्लेषकों को आगे प्रतिरोध की आशंका है। एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, 24,370-24,400 का स्तर सूचकांक के लिए महत्त्वपूर्ण अवरोध के रूप में काम करेगा। 24,400 से ऊपर लगातार बढ़त से 24,650 का स्तर देखा जा सकता है जबकि 24,160-24,130 पर समर्थन का तात्कालिक स्तर होगा।