शेयर बाजार

आयशर मोटर्स की राह में हाई वैल्यूएशन की बाधा, शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई पर

रॉयल एनफील्ड की मजबूत बिक्री से कंपनी का शेयर इस साल लगभग 52.7% चढ़ चुका है। उसने अपने समकक्ष सूचकांक निफ्टी ऑटो से बेहतर प्रदर्शन किया

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राम प्रसाद साहू   
Last Updated- December 25, 2025 | 9:49 PM IST

दोपहिया निर्माता आयशर मोटर्स का शेयर बुधवार को सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी का शेयर इस साल लगभग 52.7 प्रतिशत चढ़ चुका है। उसने अपने समकक्ष सूचकांक निफ्टी ऑटो से बेहतर प्रदर्शन किया। इस दौरान निफ्टी ऑटो में 22.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जबकि निफ्टी में 10 प्रतिशत की। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप थे, लेकिन आगे और लाभ दर्ज करने की उसकी क्षमता मार्जिन और मूल्यांकन से जुड़ी चिंताओं के बीच कारोबार में वृद्धि पर निर्भर करेगी।

कंपनी ने 250सीसी से अधिक की इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकलों के अपने मुख्य सेगमेंट में लगातार शानदार बिक्री दर्ज की है। इस सेक्टर में नवंबर में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि जनवरी से अब तक 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। आयशर का टू-व्हीलर ब्रांड- रॉयल एनफील्ड इस सेगमेंट की वृद्धि को आगे बढ़ा रहा है और उसने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज की है।

रॉयल एनफील्ड की बढ़ोतरी मुख्य रूप से बुलेट 350 की मजबूत मांग के कारण हुई, जिसकी बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले 59 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। चूंकि उसने अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में तेजी से बढ़ोतरी की है, इसलिए 250सीसी से ऊपर के सेगमेंट में उसने 120 आधार अंक की बाजार भागीदारी बढ़ाकर इसे 87.3 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। बुलेट को हटा दें तो रॉयल एनफील्ड की वृद्धि इस साल जनवरी से अब तक 17 फीसदी रही है।

नोमूरा रिसर्च ने इस शेयर को 6,581 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ तटस्थ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के कपिल सिंह और सिद्धार्थ बेरा का मानना है कि जीएसटी कटौती के बाद रॉयल एनफील्ड की बिक्री वृद्धि की संभावनाएं बेहतर हुई है क्योंकि प्रीमियम सेगमेंट में बढ़ोतरी जारी है। बजाज ऑटो ट्रायम्फ और हीरो हार्ले जैसे प्रतिस्पर्धियों को अपने 350सीसी से ऊपर के मॉडलों पर 40 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है और उन्हें अपने इंजन को फिर से डिजाइन करने में समय लगेगा ताकि उन्हें 350सीसी से नीचे के सेगमेंट में शामिल किया जा सके, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। इसलिए, फिलहाल प्रतिस्पर्धा बढ़ने का जोखिम कम है।

कंपनी वृद्धि को लेकर सकारात्मक है। सितंबर से अक्टूबर महीने में त्योहारी रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में जीएसटी में कमी से होने वाली मांग और ग्रामीण इलाकों में अच्छी रिकवरी के कारण यह रुझान जारी रहेगा। कंपनी का 350सीसी पोर्टफोलियो मुख्य ग्रोथ इंजन बना हुआ है, जिसे अच्छी ऑनलाइन पूछताछ और मॉडल अपडेट से मदद मिल रही है। हालांकि सितंबर के बाद 450/650सीसी पोर्टफोलियो में गिरावट आई। इसका 650सीसी पोर्टफोलियो तुलनात्मक रूप से रिकवरी के बेहतर संकेत दिखा रहा है।

कोटक रिसर्च को उम्मीद है कि ब्रांड की सक्रियता बढ़ाने की कोशिशों और नए वाहनों की पेशकश की वजह से कंपनी की बिक्री वृद्धि आने वाली तिमाही में बनी रहेगी। ब्रोकरेज का कहना है कि मजबूत बिक्री वृद्धि के बावजूद, घरेलू दोपहिया व्यवसाय के लिए एक साल आगे के अनुमानों के हिसाब से 34 गुना का मूल्यांकन महंगा बना हुआ है। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के अनिकेत म्हात्रे का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 में अब तक रॉयल एनफील्ड की मजबूत घरेलू बिक्री वृद्धि काफी हद तक जीएसटी की दरों में कटौती के फायदों से हुई है।

First Published : December 25, 2025 | 9:46 PM IST