facebookmetapixel
Advertisement
कर्नाटक में सियासी हलचल: सिद्धरमैया के इस्तीफे की अटकलें तेजप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की देशवासियों से अपील: गर्मी में सावधानी बरतें, लू से बचेंकर्नाटक की नई डेटा सेंटर नीति: कूलिंग इनोवेशन और ग्रीन टेक को मिलेगा बढ़ावाऑनलाइन गेमिंग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 28% GST और राज्यों को प्रतिबंध का अधिकार बरकरारStock Market: एनर्जी व बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से दूसरे दिन टूटे शेयर बाजार, सेंसेक्स 142 अंक टूटा ट्रिलियन डॉलर क्लब में 15 कंपनियां, AI बूम से ग्लोबल मार्केट में बड़ा बदलावखाड़ी की आंधी में सीमेंट कंपनियां की उम्मीदें धूल, लागत दबाव ने बढ़ाई चिंताकारोबार अलग करने का बढ़ता चलन, 2024 के बाद 43 अरब डॉलर के 50 सौदेEditorial: IBC के 10 साल, बेहतर वसूली के बावजूद समाधान में देरी बनी सबसे बड़ी चुनौतीभारत की उपभोक्ता अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल, संपत्ति में गिरावट की आशंका

सेंसेक्स के मुकाबले प्रीमियम मूल्यांकन पर अदाणी के शेयर

Advertisement
Last Updated- February 27, 2023 | 8:26 PM IST
Adani Total Gas

अदाणी समूह की कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (mcap) में पिछले एक महीने में आई नरमी के चलते उसके इक्विटी मूल्यांकन में तेज गिरावट आई है, लेकिन समूह की कंपनियां अभी भी BSE Sensex के मूल्यांकन के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड कर रही हैं। विश्लेषकों ने कहा, ये चीजें उसके शेयरों में आगे और गिरावट की आशंका जताती है, जब तक कि आगामी तिमाहियों में अदाणी समूह की कंपनियों की आय में बड़ी उछाल न आए।

अदाणी समूह की 10 कंपनियों के शेयर शुक्रवार को औसतन करीब 29.4 गुना पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रहे थे, जो सेंसेक्स के 22.5 गुना पीई के मुकाबले 36 फीसदी प्रीमियम पर है। इसी तरह, अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों का प्राइस टु बुक (PB) अनुपात 4 गुना है, जो बेंचमार्क सूचकांक के पीबी अनुपात 3.3 गुने के मुकाबले 24 फीसदी ज्यादा है। अदाणी समूह की कंपनियों का पीबी अनुपात सितंबर 2022 के आखिर में समूह की फर्मों के संयुक्त नेटवर्थ पर आधारित है।

अदाणी समूह की कंपनियों में अदाणी टोटाल गैस सबसे महंगा है, जिसका पीई 148.7 गुना है जबकि अदाणी ग्रीन का 125 गुना, अदाणी एंटरप्राइज का 66.3 गुना और अदाणी विल्मर का 62 गुना।

इसकी तुलना में कैलेंडर वर्ष 2019 में अदाणी समूह के शेयर सेंसेक्स के मुकाबले कम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे थे लेकिन ऐतिहासिक तौर पर ऐसी अवधि रही है जब समूह कंपनियों का पीई ज्यादा रहा है।

पिछले दो वर्षों में अदाणी समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ 27.7 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि‍ की रफ्तार से बढ़ा है, जो सेंसेक्स की प्रति शेयर आय 22 फीसदी CAGR के मुकाबले ज्यादा है। सेंसेक्स का ईपीएस इंडेक्स में शामिल 30 शेयरों के संयुक्त शुद्ध‍लाभ को ट्रैक करता है। इंडेक्स में अदाणी समूह के कोई शेयर नहीं हैं।

कई विश्लेषकों का अब मानना है कि अदाणी समूह की आय की रफ्तार अब नरम होगी क्योंकि इसने बढ़त और नकदी संरक्षण व कर्ज के समय पूर्व भुगतान से ध्यान हटा लिया है। आय की रफ्तार में नरमी से सामान्य तौर पर मूल्यांकन घटता है।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट 24 जनवरी को आने के बाद से अदाणी समूह के शेयरों ने अपने बाजार पूंजीकरण का करीब दो तिहाई गंवा दिया है। अदाणी की 10 सूचीबद्ध कंपनियों (अंबुजा, एसीसी व एनडीटीवी समेत) का संयुक्त बाजार पूंजीकरण सोमवार को घटकर 6.82 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो 24 जनवरी 2022 को 19.2 लाख करोड़ रुपये था।

इसके परिणामस्वरूप समूह का औसत पीई गुणक शुक्रवार को करीब 29.4 गुना रहा, जो 24 जनवरी को 82.6 गुना था और दिसंबर 2021 के आखिर में 84.7 गुना। यह आकलन अदाणी समूह के एकीकृत शुद्ध‍लाभ (पिछली चार तिमाहियों – वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही समेत) पर आधारित है। अदाणी समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त शुद्ध‍ लाभ दिसंबर 2022 के आखिर में 12 महीने के आधार पर 23,217.7 करोड़ रुपये रहा।

अदाणी समूह अब बाजार पूंजीकरण की सूची में बजाज समूह से नीचे चौथे पायदान पर चला गया है। मुख्य कंपनी बजाज फाइनैंस की अगुआई में बजाज समूह की नौ कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 7.85 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अदाणी समूह की कंपनियों के संयुक्त एमकैप से करीब 15 फीसदी ज्यादा है।
टाटा समूह की कंपनियों का संयुक्त एमकैप करीब 21 लाख करोड़ रुपये रहा और मुकेश अंबानी की कंपनियों का संयुक्त एमकैप 17 लाख करोड़ रुपये रहा।

हालांकि अदाणी समूह की कंपनियों के शेयर अभी भी अन्य पारिवारिक स्वामित्व वाले बड़े कारोबारी समूह की कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। उदाहरण के लिए टाटा समूह की 27 सूचीबद्ध‍ कंपनियों के शेयरों की ट्रेडिंग अभी 28.5 गुना पीई पर हो रही है, जो अदाणी समूह के औसत मूल्यांकन अनुपात से करीब 3 फीसदी कम है। टाटा समूह का बाजार पूंजीकरण सोमवार को करीब 21 लाख करोड़ रुपये रहा और टीटीएम शुद्ध‍लाभ वित्त वर्ष 23 की तीसरी​ तिमाही में करीब 73,000 करोड़ रुपये।

Advertisement
First Published - February 27, 2023 | 8:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement