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व्यापक बाजारों में बिकवाली जारी

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 9:22 PM IST

बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में तीन दिनों से हो रही गिरावट थम गई, हालांकि व्यापक बाजारों में शेयरों के लिए थोड़ी राहत रही। मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांक लगातार चौथे कारोबारी सत्र मेंं टूटे और बाजार में हर दो गिरने वाले शेयरों के मुकाबले एक शेयर चढ़े।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में बढ़त के कारण बेंचमार्क सेंसेक्स 187 अंकों की उछाल के साथ 57,806.6 अंकों पर बंद होने में कामयाब रहा जबकि निफ्टी-50 इंडेक्स 0.3 फीसदी की बढ़त के साथ 17,267 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि चुनिंदा दिग्गज शेयरों में उछाल से कुल बाजारों का दर्द कम हो गया। निफ्टी मिडकैप 100, 0.7 फीसदी फिसलकर 29,917 पर टिका। पिछले चार कारोबारी सत्रों मेंं यह 3.4 फीसदी टूटा है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.7 फीसदी टूटकर 10,857 पर बंद हुआ, जो 24 दिसंबर, 2020 के बाद सबसे निचला बंद स्तर है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मंगलवार को करीब 2,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि देसी निवेशकों ने 1,115 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
बाजार पर नजर रखने वालोंं ने कहा कि एफपीआई मिडकैप व स्मॉलकैप के शेयरों की लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिने पिछले साल सेंंसेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। उनका कहना है कि मूल्यांकन का अनुकूल होने अभी बाकी है।
वैश्विक बाजार मिले जुले रहे क्योंंकि 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल करीब 2 फीसदी के पास पहुंच गया। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि जनवरी के उम्मीद से मजबूत रोजगार के आंकड़ों के बाद निवेशकों की नजर अब अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों पर है, जो इस हफ्ते जारी होने हैं।
देश में निवेशक आरबीआई की दो दिन की आरबीआई मौद्रिक समिति की बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, हम आम बजट के बाद से ही बाजार में काफी उथलपुथल देख रहे हैं और एमपीसी की बैठक उतारचढ़ाव बनाए रख सकतीहै। इसके अलावा वैश्विक संकेतक भी कोई अनुकूल तस्वीर सामने नहीं रख रहे, ऐसे में प्रतिभागी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और उधारी पर पोजीशन सीमित रखे हुए हैं।
आरबीआई की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ रही है और सॉवरिन प्रतिफल सख्त हो रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, गुरुवार को आने वाली आरबीआई नीति अल्पावधि के लिहाज से बाजारों के लिए अहम होंगे क्योंंकि इसका असर आने वाले समय में नकदी व ब्याज दरों पर दिखेगा। बाजार विभिन्न वैश्विक व देसी कारणों से उतारचढ़ाव में इजाफे से दो-चार हो रहा है।
तकनीकी विश्लेषकों ने कहा कि विभिन्न तरह की अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार विस्तृत ट्रेडिंग रेंज में बना रहेगा। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध प्रमुख (खुदरा) श्रीकांत चौहान ने कहा, निवेशकों को मात्रात्मक सहजता की लगातार हो रही वापसी से डर लग रहा है और विदेशी निवशकों की तरफ से निकासी आने वाले समय में अवधारणा को और नुकसान पहुंचा सकता है। रोजाना के चार्ट पर निफ्टी ने हैमर फॉर्मेशन बनाया है, जो बताता है कि तेजडिय़े व मंदडिय़े के बीच अनिश्चितता रहेगी। ट्रेडिंग का दायरा 17,100 से 17,400 रहेगा और अहम सपोर्ट लेवल 17,150 है। इससे ऊपर इंडेक्स 17,350 से 17,400 तक जा सकता है। इससे नीचे यह 17,100-17,075 तक पहुंचने की संभावना है।

First Published : February 8, 2022 | 11:19 PM IST