facebookmetapixel
Advertisement
पहले सेवा उत्पादन सूचकांक में आवास-भोजन सेवाएं सबसे आगे, अप्रैल में 37.2% की शानदार बढ़ोतरीबाइरैक की बड़ी पहल: ₹1 लाख करोड़ के RDI फंड के लिए चुने गए देश के 8 बेहतरीन बायोटेक स्टार्टअपRBI का नया फरमान: बैंक बोर्डों को अब रणनीति और जोखिम प्रबंधन पर देना होगा ज्यादा समय, नियम बदलेसंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 की सीट के लिए भारत करेगा दावेदारी, अगले साल जून में होगा चुनावEditorial: महंगाई फिर RBI के लक्ष्य से ऊपर, तेल और मॉनसून बढ़ा सकते हैं नीतिगत चुनौतियांआंध्र प्रदेश में कोरोना की दस्तक से हड़कंप, दो मरीजों की मौत के बाद पड़ोसी राज्यों में अलर्ट जारीहोर्मुज स्ट्रेट में ईरानी हमले पर भारत का कड़ा विरोध, 1 भारतीय नाविक की मौत; तेहरान के राजनयिक तलबHurun India Real Estate List: अदाणी प्रॉपर्टीज बनी चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी, वैल्यू ₹90,400 करोड़ हुईब्राजील के एथनॉल मॉडल से भारत क्या सीख सकता है? अवसर, चुनौतियां और संतुलन की जरूरतवैश्विक मंच पर भारतीय प्रवासियों की सफलता: विदेशों में हासिल उपलब्धियों से भारत क्या सीख सकता है?

Rupee vs Dollar: कारोबार के दौरान नए निचले स्तर तक लुढ़का रुपया

Advertisement

छह अहम मुद्राओं के बास्केट के मुकाबले डॉलर की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स बुधवार को बढ़कर 103.28 पर पहुंच गया, जो गुरुवार को 103.11 पर रहा था।

Last Updated- August 07, 2024 | 10:05 PM IST
Indian Rupee vs US Dollar today

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को रुपया कारोबार के दौरान नए निचले स्तर 83.97 पर आ गया क्योंकि निवेशक कैरी ट्रेड से बाहर निकल गए, जिसने चीनी युआन और जापानी येन का इस्तेमाल रुपये पर लॉन्ग पोजीशन की फंडिंग में किया। डीलरों ने यह जानकारी दी।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि आयातकों के बीच डॉलर की मजबूत मांग थी, जिसका भारतीय रुपये पर और असर पड़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया अंत में 83.95 पर टिका, जो मंगलवार को 83.96 पर रहा था। छह अहम मुद्राओं के बास्केट के मुकाबले डॉलर की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स बुधवार को बढ़कर 103.28 पर पहुंच गया, जो गुरुवार को 103.11 पर रहा था।

नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड्स (एनडीएफ), हाजिर ओटीसी और फ्यूचर मार्केट में डॉलर बिक्री के जरिये भारतीय रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया ताकि विनिमय दर के उतारचढ़ाव पर लगाम रहे। बाजार के प्रतिभागियों ने यह जानकारी दी।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख व कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, भारतीय रुपया गिरकर नए निचले स्तर 83.9725 तक चला आया क्योंकि आरबीआई ने इस स्तर पर डॉलर की बिकवाली के जरिये अपनी मौजूदगी दिखाई। इसने 83.87 का उच्चस्तर बनाया, लेकिन इस स्तर पर डॉलर की खरीद की गई ताकि इसे 83.96 पर वापस भेजा जा सके, जो 84 से थोड़ा ही नीचे है।

इसके अतिरिक्त बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि आरबीआई ने कुछ बैंकों को रुपये के खिलाफ सटोरिया ट्रेडिंग से दूर रहने को कहा है।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, बाजार में सुना गया है कि आरबीआई कुछ अग्रणी बैंकों की ट्रेडिंग सीमा व पोजीशन की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा, जब भी ज्यादा उतारचढ़ाव या एकतरफा चाल देखने को मिलती है तो आरबीआई एहतियात बरतता है।

अगस्त 2023 में आरबीआई ने डॉलर-रुपये के आर्बिट्रेज ट्रेड पर पाबंदी लगाई थी ताकि रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तर को छूने से रोका जा सके। बैंक इस अवधि में ओटीसी व एनडीएफ के बीच कीमत के अंतर का फायदा उठा रहे थे। ये पाबंदियां फरवरी में हटा ली गईं।

Advertisement
First Published - August 7, 2024 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement