facebookmetapixel
Advertisement
जगदीशन के बाद कौन संभालेगा HDFC बैंक की कमान? अंतरिम प्रमुख संभाल सकता है जिम्मेदारी₹22,000 करोड़ के कर्ज पर सिर्फ ₹6.25 करोड़! NCLT के फैसले पर भड़के बैंक, रिपेमेंट प्लान के खिलाफ करेंगे अपील500% का मोटा डिविडेंड! NBFC कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनेपाल की भयावह बाढ़ में 97 साल की बुजुर्ग बनीं मिसाल, जानिए मौत को मात देने वाले जांबाजों की दास्तानएयर इंडिया की $1.5 अरब फंडिंग पर बढ़ी हलचल, टेमासेक ने सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश का किया समर्थनमेटा की भारत प्रमुख संध्या देवनाथन ने छोड़ी कंपनी, ओपनएआई से जुड़ीं; सिंगापुर से संभालेंगी कमानबढ़ती कमाई, जल्दी नौकरी व स्टार्टअप्स: क्या युवा अब 30 से पहले ही अपना घर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं?निवेशकों की चांदी! अगले हफ्ते लगभग 90 कंपनियां बांटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹86.50 तक पाने का मौका1991 में विदेशी मुद्रा के लिए तरसता भारत आज 729 अरब डॉलर के रिकॉर्ड भंडार तक कैसे पहुंचा‘भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाएं ग्लोबल कंपनियां’, सीतारमण ने अमेरिका में निवेशकों को दिया न्योता

Rupee vs Dollar: कारोबार के दौरान नए निचले स्तर तक लुढ़का रुपया

Advertisement

छह अहम मुद्राओं के बास्केट के मुकाबले डॉलर की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स बुधवार को बढ़कर 103.28 पर पहुंच गया, जो गुरुवार को 103.11 पर रहा था।

Last Updated- August 07, 2024 | 10:05 PM IST
Indian Rupee vs US Dollar today

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार को रुपया कारोबार के दौरान नए निचले स्तर 83.97 पर आ गया क्योंकि निवेशक कैरी ट्रेड से बाहर निकल गए, जिसने चीनी युआन और जापानी येन का इस्तेमाल रुपये पर लॉन्ग पोजीशन की फंडिंग में किया। डीलरों ने यह जानकारी दी।

बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि आयातकों के बीच डॉलर की मजबूत मांग थी, जिसका भारतीय रुपये पर और असर पड़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया अंत में 83.95 पर टिका, जो मंगलवार को 83.96 पर रहा था। छह अहम मुद्राओं के बास्केट के मुकाबले डॉलर की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स बुधवार को बढ़कर 103.28 पर पहुंच गया, जो गुरुवार को 103.11 पर रहा था।

नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड्स (एनडीएफ), हाजिर ओटीसी और फ्यूचर मार्केट में डॉलर बिक्री के जरिये भारतीय रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया ताकि विनिमय दर के उतारचढ़ाव पर लगाम रहे। बाजार के प्रतिभागियों ने यह जानकारी दी।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख व कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, भारतीय रुपया गिरकर नए निचले स्तर 83.9725 तक चला आया क्योंकि आरबीआई ने इस स्तर पर डॉलर की बिकवाली के जरिये अपनी मौजूदगी दिखाई। इसने 83.87 का उच्चस्तर बनाया, लेकिन इस स्तर पर डॉलर की खरीद की गई ताकि इसे 83.96 पर वापस भेजा जा सके, जो 84 से थोड़ा ही नीचे है।

इसके अतिरिक्त बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि आरबीआई ने कुछ बैंकों को रुपये के खिलाफ सटोरिया ट्रेडिंग से दूर रहने को कहा है।

एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, बाजार में सुना गया है कि आरबीआई कुछ अग्रणी बैंकों की ट्रेडिंग सीमा व पोजीशन की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा, जब भी ज्यादा उतारचढ़ाव या एकतरफा चाल देखने को मिलती है तो आरबीआई एहतियात बरतता है।

अगस्त 2023 में आरबीआई ने डॉलर-रुपये के आर्बिट्रेज ट्रेड पर पाबंदी लगाई थी ताकि रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तर को छूने से रोका जा सके। बैंक इस अवधि में ओटीसी व एनडीएफ के बीच कीमत के अंतर का फायदा उठा रहे थे। ये पाबंदियां फरवरी में हटा ली गईं।

Advertisement
First Published - August 7, 2024 | 10:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement