बाजार

NSE को उम्मीद, STT बढ़ोतरी की समीक्षा होगी; वॉल्यूम पर असर सीमित रहने का अनुमान

बजट में वित्त मंत्री ने वायदा पर एसटीटी को पहले के 0.02 फीसदी से बढ़ाकर ट्रेडेड प्राइस का 0.05 फीसदी करने की घोषणा की

Published by
खुशबू तिवारी   
Last Updated- February 09, 2026 | 10:17 PM IST

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) को उम्मीद है कि आम बजट में घोषित प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में हाल ही में हुई बढ़ोतरी की समीक्षा की जाएगी। एक्सचेंज के प्रबंधन ने सोमवार को विश्लेषकों से बातचीत के दौरान यह बात कही। कारोबारी समुदाय और उद्योग के लोगों के सुझावों का जिक्र करते हुए प्रबंधन ने कहा कि उसे कर बढ़ोतरी को लेकर उठाई गई चिंताओं के बारे में पता है।

प्रबंधन ने कहा, हमारे लिए यह अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है कि इसकी वजह से वायदा के वॉल्यूम पर कितना असर पड़ेगा। पहले भी हमने समय-समय पर एसटीटी की दरों में बढ़ोतरी देखी है। लेकिन हमने वॉल्यूम पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं देखा है। इसलिए, मुमकिन है कि वॉल्यूम बाजार के प्रतिभागियों द्वारा समायोजित कर लिया जाए।

बजट में वित्त मंत्री ने वायदा पर एसटीटी को पहले के 0.02 फीसदी से बढ़ाकर ट्रेडेड प्राइस का 0.05 फीसदी करने की घोषणा की। ऑप्शंस के लिए कर ऑप्शन प्रीमियम के 0.1 फीसदी से बढ़कर 0.15 फीसदी हो जाएगा, जबकि ऑप्शंस की खरीद-फरोख्त पर लगने वाला टैक्स आंतरिक कीमत का 0.125 फीसदी से बढ़कर 0.15 फीसदी होगा।

एक्सपायरी के दिन सिंगल-स्टॉक डेरिवेटिव के लिए कैलेंडर स्प्रेड मार्जिन बेनिफिट को वापस लेने के बाजार नियामक के हालिया फैसले के संभावित असर पर विश्लेषकों के सवालों का जवाब देते हुए एक्सचेंज ने कहा कि ब्रोकर एसोसिएशन ने नियामक के सामने अपनी बात रखी है और तर्क दिया है कि पिछले एक साल में सिंगल-स्टॉक ऑप्शन और फ्यूचर्स में छोटे निवेशकों की भागीदारी कम हुई है।

अपनी लिस्टिंग के लिए सेबी से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद एनएसई ने अपनी आईपीओ कमेटी को फिर से बनाया है और एक्सचेंज के गवर्निंग बोर्ड ने ओएफएस के जरिए पब्लिक इश्यू को मंजूरी दे दी है।

First Published : February 9, 2026 | 10:01 PM IST