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नोमुरा ने एशिया पोर्टफोलियो में बढ़ाई भारत की रेटिंग

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:07 AM IST

क्रेडिट सुइस द्वारा अपने एशिया पैसीफिक (एपीएसी) मॉडल पोर्टफोलियो में भारत पर अपना नजरिया बढ़ाकर ‘ओवरवेट’ करने के एक दिन बाद नोमुरा ने भी अपने एशिया एक्स-जापान पोर्टफोलियो में भारतीय इक्विटी पर अपनी रेटिंग ‘ओवरवेट’ कर दी है।
नोमुरा के चेतन सेठ और निरांश जैन ने 17 फरवरी की अपनी रिपोर्ट में लिखा, ‘भारत में हाल में कई सकारात्मक बदलावों ने हमें अपने क्षेत्रीय एशिया-एक्स जापान (एईजे) आवंटन में अपना नजरिया ‘ओवरवेट’ (तटस्थ से) करने में मदद मिली है। हम भारत को उत्तर एशिया के काउंटरवेट के तौर पर देखते हैं, क्योंकि हाल में अच्छी तेजी के बावजूद इस बाजार ने पोर्टफोलियो में मजबूत सुरक्षा का काम किया है। हम अपने पोर्टफोलियो में कोरिया से भारत की तरफ पुन: ध्यान दे रहे हैं, हालांकि हम कोरिया (चीन और इंडोनेशिया के साथ साथ) कोरिया पर ‘ओवरवेट’ यानी उत्साहित बने हुए हैं।’
नोमुरा अब ऐसे दो केंद्रीय मुद्दों को लेकर कम चिंतित है जिन्होंने भारत को प्रभावित किया जिनमें सीमित वित्तीय क्षेत्र और कोविड-19 की वजह से आई कमजोरी शामिल हैं। उसने कहा है कि ताजा घटनाक्रम एक सकारात्मक बदलाव है। हालांकि नोमुरा इसे लेकर सतर्क है कि बजट और अन्य नीतिगत प्रस्तावों का क्रियान्वयन एक मुख्य जोखिम बना रहेगा।
नोमुरा ने कहा है, ‘भारत के ताजा बजट का मकसद वित्तीय खर्च/मध्यावधि वित्तीय प्रतिबद्घता से संबंधित खर्च को प्राथमिकता देना है जिसका मतलब है एक सकारात्मक मध्यावधि वृद्घि का परिवेश, जबकि कोविड-19 की स्थिति भी काफी हद तक नियंत्रित होती दिख रही है।’
हालांकि नोमुरा ने बाजार के महंगे मूल्यांकन के खिलाफ सतर्कता बरती है। मार्च 2020 के निचले स्तरों से सेंसेक्स और निफ्टी-50 में बड़ी तेजी आई है। आर्थिक सुधार और पिछली कुछ तिमाहियों के दौरान कॉरपोरेट आय वृद्घि ने भी विश्लेषकों को चकित किया है। नोमुरा का मानना है कि भारत के प्रति पसंद की मुख्य वजह लगातार दो तिमाहियों से आय संशोधन रुझानों पर मजबूत सहमति है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इसके अलावा सुधार पर ध्यान तथा एफडीआई प्रवाह बढ़ाने के उपायों को देखते हुए भी भारत महंगे मूल्यांकन के दायरे में बना रहेगा।

First Published : February 18, 2021 | 9:07 PM IST