facebookmetapixel
Advertisement
रूसी तेल खरीद पर भारत पर 100% अमेरिकी शुल्क का प्रस्ताव, संशोधित प्रतिबंध विधेयक से बढ़ सकती है चुनौतीकैबिनेट ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को दी मंजूरी, ₹1.27 लाख करोड़ की योजना से चिप और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बूस्ट ₹250 वाली छोटी SIP का बढ़ा दायरा, लेकिन निवेश बंद होने की दर अब भी चिंता का विषयEditorial: सेवा उत्पादन सूचकांक से मिलेगी अर्थव्यवस्था की सटीक तस्वीरमानव पूंजी की खाई पाटे बिना अधूरा रहेगा भारत का विकासAI से एंट्री-लेवल नौकरियों पर खतरा, स्किलिंग बनी राष्ट्रीय प्राथमिकताInstamart-HPCL की साझेदारी, अब ऑन-डिमांड मिलेगी 10 किलो HP Navya LPG सिलिंडर की डिलिवरीAI से खुलेंगे आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर, ग्राहकों को बदलाव में मदद करने की बेहतर स्थिति में हैं: प्रेमजीCCI के समझौता ढांचे को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती, उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोपIPO प्राइस से नीचे फिसला SpaceX का शेयर, निवेशकों की बढ़ी चिंता; वैल्यूएशन पर फिर उठे सवाल

INR vs USD: रुपया 65 पैसे की गिरावट के साथ 82.73 प्रति डॉलर पर बंद

Advertisement
Last Updated- February 06, 2023 | 6:24 PM IST
Indian Rupee vs US Dollar today
Shutterstock

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 65 पैसे की गिरावट के साथ 82.73 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख और विदेशों में डॉलर के मजबूत होने से रुपये में यह गिरावट आई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी कोषों की सतत निकासी और कच्चे तेल की कीमतों के मजबूत होने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82.35 पर खुला और कारोबार के दौरान 82.76 अंक के निम्न स्तर को छूने के बाद अंत में अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले 65 पैसे की गिरावट के साथ 82.73 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 82.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.24 फीसदी बढ़कर 103.16 हो गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.45 फीसदी बढ़कर 80.30 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था।

बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान में शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर में तेजी और कमजोर घरेलू बाजारों की वजह से रुपये में गिरावट आई। चौधरी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि रुपये में नकारात्मक रुझान के साथ कारोबार होगा क्योंकि डॉलर में मजबूती आने से रुपया और कमजोर हो सकता है। कमजोर घरेलू शेयर बाजार और FII की निकासी से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है।’

हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से रुपये की तेज गिरावट पर अंकुश लग सकता है। बुधवार को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के बैठक के नतीजों की घोषणा तक बाजार प्रतिभागी सतर्क रह सकते हैं।

घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 334.98 अंक की गिरावट के साथ 60,506.90 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 932.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Advertisement
First Published - February 6, 2023 | 6:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement