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PF Withdrawal Rules: नौकरी करते हुए भी निकाल सकते हैं पैसा, कब-कब मिलती है निकासी की मंजूरी

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मौजूदा कंपनी में नौकरी करते हुए भी EPFO के तय नियमों के तहत मेडिकल, शादी, पढ़ाई और घर की मरम्मत जैसे कारणों पर PF का पैसा निकाला जा सकता है।

Last Updated- July 15, 2026 | 2:58 PM IST
EPFO
Representative image

PF Withdrawal Rules: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को आमतौर पर रिटायरमेंट के लिए की जाने वाली बचत माना जाता है। यही वजह है कि अधिकांश कर्मचारियों का मानना होता है कि पीएफ का पैसा केवल नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद ही निकाला जा सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह सही नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियम कुछ खास परिस्थितियों में नौकरी के दौरान भी पीएफ खाते से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की अनुमति देते हैं।

यानी अगर आप अपनी मौजूदा कंपनी में नौकरी कर रहे हैं और किसी जरूरी काम के लिए पैसों की जरूरत है, तो कुछ शर्तों के साथ पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कारण बताना जरूरी होता है और हर उद्देश्य के लिए निकासी की सीमा अलग-अलग तय की गई है।

नौकरी करते हुए पूरा PF नहीं निकाल सकते

PersonalCFO के संस्थापक और CEO सुशील जैन (Sushil Jain) के अनुसार, कर्मचारी अपनी वर्तमान कंपनी में काम करते हुए भी पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन नौकरी के दौरान पूरा PF बैलेंस निकालने की अनुमति नहीं होती।

उनका कहना है कि EPFO केवल तय परिस्थितियों में ही आंशिक निकासी की मंजूरी देता है। आवेदन करते समय कर्मचारी को यह बताना होता है कि वह किस उद्देश्य से पैसा निकालना चाहता है। उसी आधार पर निकासी की सीमा तय होती है।

किन कारणों पर निकाल सकते हैं PF का पैसा?

EPFO ने कुछ ऐसी परिस्थितियां तय की हैं, जिनमें कर्मचारी नौकरी जारी रहने के बावजूद अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं। इनमें चिकित्सा खर्च, विवाह, उच्च शिक्षा, घर की मरम्मत और बेरोजगारी जैसी स्थितियां शामिल हैं।

हर श्रेणी के लिए निकासी की अलग-अलग सीमा निर्धारित की गई है।

मेडिकल इमरजेंसी या शादी के लिए कितना पैसा निकाल सकते हैं?

अगर कर्मचारी को गंभीर बीमारी के इलाज, मेडिकल इमरजेंसी या परिवार में शादी जैसे खर्चों के लिए धन की जरूरत है, तो वह पीएफ खाते से निकासी कर सकता है।

सुशील जैन के मुताबिक, ऐसी स्थिति में कर्मचारी अपने योगदान (Employee Contribution) और उस पर अर्जित ब्याज का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकाल सकता है।

इस सुविधा का उद्देश्य अचानक आने वाले बड़े खर्चों के समय कर्मचारियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

घर की मरम्मत के लिए मिल सकती है 90% तक निकासी

अगर कर्मचारी अपने घर की मरम्मत या नवीनीकरण (Home Renovation) के लिए धन जुटाना चाहता है, तो EPFO इस उद्देश्य के लिए भी निकासी की अनुमति देता है।

सुशील जैन बताते हैं कि इस स्थिति में कर्मचारी अपने कुल हिस्से और उस पर मिले ब्याज का अधिकतम 90 प्रतिशत तक निकाल सकता है। हालांकि, इसके लिए EPFO की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है।

उच्च शिक्षा के लिए भी निकाल सकते हैं PF

बढ़ती शिक्षा लागत को देखते हुए EPFO उच्च शिक्षा के लिए भी PF निकासी की सुविधा देता है।

यदि कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य की पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत है, तो कर्मचारी अपने पीएफ खाते में जमा कर्मचारी अंश (Employee Share) का अधिकतम 50 प्रतिशत निकाल सकता है।

इससे शिक्षा संबंधी बड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

नौकरी छूटने पर कितना पैसा निकाल सकते हैं?

अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है और वह बेरोजगार हो जाता है, तो पीएफ निकासी के नियम अलग होते हैं।

सुशील जैन के अनुसार, यदि कर्मचारी एक महीने तक बेरोजगार रहता है, तो वह अपने कुल PF बैलेंस (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान सहित) का 75 प्रतिशत तक निकाल सकता है।

अगर बेरोजगारी दो महीने तक जारी रहती है, तो कर्मचारी शेष 25 प्रतिशत राशि भी निकालने का पात्र हो जाता है।

यानी दो महीने तक नई नौकरी नहीं मिलने की स्थिति में पूरा PF बैलेंस निकाला जा सकता है।

क्या हर कर्मचारी को मिल जाती है यह सुविधा?

हालांकि EPFO कई परिस्थितियों में आंशिक निकासी की अनुमति देता है, लेकिन हर मामले में कुछ पात्रता शर्तें भी लागू होती हैं। कई मामलों में न्यूनतम सेवा अवधि, निकासी का उद्देश्य और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाती है।

यही कारण है कि आवेदन करने से पहले संबंधित नियमों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

बिना वजह PF निकालने की अनुमति नहीं

कई कर्मचारी यह मान लेते हैं कि खाते में पैसा जमा है, इसलिए जरूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं। लेकिन EPFO के नियम इसके लिए स्पष्ट हैं।

नौकरी के दौरान निकासी केवल उन्हीं उद्देश्यों के लिए की जा सकती है, जिन्हें नियमों में शामिल किया गया है। आवेदन करते समय कारण बताना और उससे जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना भी आवश्यक हो सकता है।

क्या PF निकालना हमेशा सही फैसला है?

विशेषज्ञ का मानना है कि PF मूल रूप से रिटायरमेंट फंड है। इसलिए इसका इस्तेमाल केवल वास्तविक जरूरत पड़ने पर ही करना चाहिए।

सुशील जैन का कहना है कि कर्मचारियों को यह समझना चाहिए कि PF में जमा राशि पर हर साल ब्याज मिलता है और लंबे समय तक निवेश बने रहने पर कंपाउंडिंग का फायदा भी मिलता है। यदि बार-बार निकासी की जाती है, तो रिटायरमेंट के समय मिलने वाला कुल फंड काफी कम हो सकता है।

इसलिए मेडिकल इमरजेंसी, शिक्षा या अन्य जरूरी परिस्थितियों में ही इस सुविधा का इस्तेमाल करना समझदारी होगी।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप नौकरी करते हुए PF से पैसा निकालने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी जरूरत EPFO द्वारा निर्धारित श्रेणियों में आती है या नहीं। इसके बाद यह भी जांच लें कि संबंधित उद्देश्य के लिए कितनी राशि निकालने की अनुमति है और कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी।

इसके अलावा, यह भी ध्यान रखें कि निकासी के बाद आपके रिटायरमेंट फंड पर क्या असर पड़ेगा। यदि आपके पास अन्य वित्तीय विकल्प उपलब्ध हैं, तो पहले उनका आकलन करना बेहतर हो सकता है।

सोच-समझकर करें फैसला

पीएफ खाते में जमा रकम केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी होती है। इसलिए नौकरी के दौरान PF निकासी का विकल्प उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि हर छोटी जरूरत के लिए इस बचत का इस्तेमाल किया जाए।

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First Published - July 15, 2026 | 2:58 PM IST

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