facebookmetapixel
Advertisement
आतंकवाद के खिलाफ BRICS देश एकजुट, आतंकियों की फंडिंग रोकने पर सहमति; पहलगाम हमले की निंदा कीBRICS ने एकतरफा व्यापारिक कदमों पर जताई चिंता, बातचीत और कूटनीति को बताया अहम रास्ता‘BRICS किसी के खिलाफ नहीं’, बोले PM मोदी: ग्लोबल साउथ अब नियम पालन नहीं नियम बनाने वाला बनेअचानक आई मेडिकल इमरजेंसी में क्यों डगमगा जाती है मध्यम वर्ग परिवारों की सालों की मेहनत की बचत?सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग, PM मोदी से मुलाकात में LAC, व्यापार और रिश्तों पर होगी बड़ी चर्चानिवेशकों की बल्ले-बल्ले! अगले हफ्ते 180 से अधिक कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड, एक शेयर पर ₹50 पाने का मौका‘संकट न होता तो धीरे होते सुधार’, 1991 की उदारीकरण नीति पर पूर्व योजना आयोग सचिव ने किए कई खुलासेशी चिनफिंग की भारत यात्रा से भारत-चीन संबंधों को मिलेगा नया मोड़, PM मोदी से मुलाकात होगी अहमRBI सितंबर में बेचेगा 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बॉन्ड, बैंकिंग सिस्टम की नकदी घटाने की तैयारीSBI बना रहा नया लोन मॉडल, GST के बिना छोटे कारोबारों को UPI लेनदेन के आधार पर मिलेगा कर्ज

हल्दी पर NCDEX ने लगाया 2.5% अतिरिक्त मार्जिन, क्या अब आएगी बड़ी गिरावट या फिर जारी रहेगी तेजी?

Advertisement

एक्सपर्ट के मुताबिक अतिरि​क्त मार्जिन से कुछ समय के लिए कारोबारी इससे दूरी बना सकते हैं और शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली से इसके भाव गिरेंगे। लेकिन लॉन्ग टर्म में तेजी संंभव

Last Updated- July 15, 2026 | 5:34 PM IST
Turmeric price: नई आवक के दबाव में सस्ती हुई हल्दी, 20 दिन में भाव 18 फीसदी गिरे, Turmeric became cheaper due to pressure of new arrivals, price fell by 18 percent in 20 days
एक महीने में हल्दी के वायदा भाव करीब 25 फीसदी बढ़ गए हैं।

हल्दी की कीमतों में आ रही भारी तेजी को देखने कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) ने इसके कारोबार पर अतिरिक्त मार्जिन लगा दिया है। बीते एक माह के दौरान हल्दी के भाव करीब 25 फीसदी बढ़ चुके हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट के मुताबिक मार्जिन लगने से कुछ समय के लिए खरीदार हल्दी के वायदा कारोबार से दूरी बना सकते हैं। साथ ही मुनाफावसूली के कारण इसकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। फंडामेंटल मजबूत होने से लॉन्ग टर्म में हल्दी में तेजी की संभावना है।

कितना लगा मार्जिन ?

एनसीडीईएक्स ने हल्दी के वायदा और ऑप्शंस कारोबार में 2.5% अतिरिक्त मार्जिन लगाने का फैसला किया है। यह अतिरिक्त मार्जिन 15 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। साथ ही यह हल्दी के अगस्त 2026, अक्टूबर 2026 और दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाले सभी कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू होगा।

मार्जिन का हल्दी कारोबार पर असर

कमोडिटी एक्सपर्ट और एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल के रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल का कहना है कि एनसीडीईएक्स का 2.5% अतिरिक्त मार्जिन लगाने का फैसला बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और जोखिम कम करने के लिए है। शॉर्ट टर्म में हल्दी की नई खरीदारी कुछ कमजोर पड़ सकती है क्योंकि निवेशकों को अधिक मार्जिन देना होगा।

कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि मार्जिन बढ़ने से बाजार में कुछ पोजीशन का लिक्विडेशन हो सकता है और कारोबारी प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं। इससे शॉर्ट टर्म में हल्दी की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है। 

क्या हल्दी में अब आएगी गिरावट?

मा​र्जिन लगने से बुधवार (15 जुलाई) को हल्दी कीमतों में गिरावट देखने को मिली। खबर लिखे जाने के समय हल्दी का अगस्त कॉन्ट्रेक्ट करीब एक फीसदी की गिरावट के साथ 20,500 रुपये प्रति ​क्विंटल के भाव पर कारोबार कर रहा था। हालांकि बुधवार को ही इस कॉन्ट्रैक्ट ने कारोबार की शुरुआत में 21,400 रुपये ​क्विंटल के भाव पर ऑल टाइम हाई बनाया था। 

केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया ने कहा कि ऊंचे स्तर पर चल रहे हल्दी के भाव में मार्जिन लगने के बाद मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। ​जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। इसके भाव एक बार 19 हजार रुपये से नीच आ सकते हैं। हालांकि फंडामेंटल मजबूत होने से भाव बाद में चढ़कर 22,500 रुपये क्विंटल तक जा सकते हैं।

पॉल ने कहा कि तकनीकी रूप से बाजार अभी भी मजबूत अपट्रेंड में है। हल्दी के कम उत्पादन की आशंका, कम कैरी-फॉरवर्ड स्टॉक, सीमित किसानों की बिक्री और मजबूत घरेलू व निर्यात मांग जैसे फंडामेंटल बाजार को समर्थन दे रहे हैं। इसलिए हल्दी हालिया गिरावट को ट्रेंड रिवर्सल नहीं, बल्कि स्पीड ब्रेकर माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत फंडामेंटल बने रहने पर हल्दी के दाम 22,000 रुपये ​​क्विंटल तक बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

 

Advertisement
First Published - July 15, 2026 | 5:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement