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EPFO New Rules: नौकरी बदलने वालों को बड़ी राहत! अब अपने आप ट्रांसफर होगा PF; जानिए EPS का पैसा कब निकाल सकते हैं

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EPFO ने पात्र कर्मचारियों के लिए ऑटोमैटिक PF ट्रांसफर की सुविधा शुरू की है, जबकि EPS निकासी के नियम सेवा अवधि पर निर्भर करते हैं।

Last Updated- July 15, 2026 | 4:55 PM IST
EPFO
Representative image

EPFO New Rules: नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्रक्रिया को पहले से काफी आसान बना दिया है। अब पात्र कर्मचारियों को नई नौकरी जॉइन करने के बाद अपने पुराने पीएफ खाते का बैलेंस ट्रांसफर कराने के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा। यदि कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से लिंक है और सभी जरूरी शर्तें पूरी हैं, तो पीएफ बैलेंस अपने आप नए खाते में ट्रांसफर हो जाएगा।

यह बदलाव उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है जो करियर के दौरान कई बार नौकरी बदलते हैं। नई व्यवस्था से कागजी कार्रवाई कम होगी, समय की बचत होगी और पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और आसान हो जाएगी।

पहले क्या था और अब क्या बदला?

पहले नौकरी बदलने पर कर्मचारी को पुराने पीएफ खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर कराने के लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ता था। कई मामलों में नियोक्ता की पुष्टि और EPFO की मंजूरी के बाद ही ट्रांसफर पूरा होता था।

अब EPFO के Centralised IT Enabled Services (CITES) प्लेटफॉर्म के जरिए यह प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो गई है। यदि कर्मचारी का आधार सत्यापित UAN सही तरीके से लिंक है, तो EPFO पुराने और नए PF Member ID को जोड़कर बैलेंस स्वतः ट्रांसफर कर देगा।

UAN कैसे करता है काम?

हर कर्मचारी का Universal Account Number (UAN) पूरी नौकरी के दौरान एक ही रहता है। हालांकि, हर नई कंपनी में शामिल होने पर नया PF Member ID बनता है।

नई व्यवस्था के तहत EPFO एक ही UAN से जुड़े सभी Member ID को पहचानकर पात्र खातों का पीएफ बैलेंस स्वतः ट्रांसफर कर देगा। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग खातों का रिकॉर्ड रखने की परेशानी नहीं होगी।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर से कर्मचारियों को कई फायदे मिलेंगे।

  • नौकरी बदलने पर अलग से ट्रांसफर आवेदन नहीं करना होगा।
  • एक ही UAN के तहत सभी पीएफ खाते जुड़े रहेंगे।
  • रिटायरमेंट सेविंग का रिकॉर्ड एक जगह दिखाई देगा।
  • रोजगार का लगातार रिकॉर्ड बना रहेगा।
  • ट्रांसफर प्रक्रिया पहले के मुकाबले तेज और आसान होगी।

अपनी सर्विस हिस्ट्री कैसे देखें?

कर्मचारी EPFO के Unified Member Portal पर UAN के जरिए लॉग इन करके अपनी सर्विस हिस्ट्री देख सकते हैं।

OTP सत्यापन के बाद Service History सेक्शन में जाकर पुरानी और मौजूदा नौकरी की जानकारी देखी जा सकती है। इससे यह भी पता चल जाएगा कि सभी Member ID सही तरीके से UAN से जुड़े हैं या नहीं।

EPS का पैसा कब निकाल सकते हैं?

कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि EPFO द्वारा पेंशन के लिए काटी जाने वाली Employees’ Pension Scheme (EPS) की राशि कब निकाली जा सकती है।

Also Read | PF Withdrawal Rules: नौकरी करते हुए भी निकाल सकते हैं पैसा, कब-कब मिलती है निकासी की मंजूरी

PersonalCFO के संस्थापक और CEO सुशील जैन के अनुसार, “EPS की राशि निकाली जा सकती है, लेकिन यह आपकी कुल नौकरी की अवधि पर निर्भर करता है।”

उन्होंने बताया कि यदि किसी कर्मचारी की कुल सेवा अवधि 10 साल से कम है, चाहे उसने अलग-अलग कंपनियों में काम किया हो, तो वह EPS में जमा पूरी राशि निकाल सकता है।

वहीं, यदि कर्मचारी की कुल सेवा 10 साल या उससे अधिक हो जाती है, तो EPS की राशि एकमुश्त निकालने की अनुमति नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में यह राशि पेंशन के लिए सुरक्षित रहती है और कर्मचारी को 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार मासिक पेंशन मिलती है।

EPFO लगातार आसान बना रहा है सेवाएं

ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर की सुविधा, EPFO द्वारा हाल के समय में किए गए कई बड़े सुधारों में से एक है। इससे पहले संगठन Centralised Claim Processing, Centralised Payment System और ‘Any Office’ Service Model जैसी सुविधाएं भी शुरू कर चुका है। इन बदलावों का उद्देश्य कर्मचारियों को तेज, पारदर्शी और आसान सेवाएं उपलब्ध कराना है।

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First Published - July 15, 2026 | 4:24 PM IST

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