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सेंसेक्स का PE मल्टीपल 4 साल के निचले स्तर पर, विदेशी निवेशकों ने निकाले रिकॉर्ड 42 अरब डॉलर

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ईरान-इजरायल युद्ध के कारण विदेशी निवेशकों की भारी निकासी से सेंसेक्स का मूल्यांकन 2020 के स्तर पर आ गया है, जिससे विकास दर धीमी होने की आशंका है

Last Updated- March 29, 2026 | 9:52 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू होने के बाद दलाल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली के कारण भारत में शेयरों के मूल्यांकन में तेजी से गिरावट आई है। बीएसई सेंसेक्स का पिछले 12 महीनों का प्राइस-टु-अर्निंग्स (पीई) मल्टीपल बीते शुक्रवार को घटकर 20.2 गुना रह गया। मई 2020 के बाद से बेंचमार्क सूचकांक का यह सबसे कम पीई मल्टीपल है। मई 2020 में यह 19.56 गुना रह गया था।

तुलनात्मक रूप से देखें तो फरवरी के आ​खिर में सेंसेक्स 22.3 गुना और दिसंबर 2025 के अंत में 23.5 गुना के पीई पर कारोबार कर रहा था। सूचकांक की बात करें तो यह फरवरी के आखिर से 9.5 फीसदी नीचे है और मौजूदा कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से इसमें 13.7 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।

सूचकांक का मौजूदा मूल्यांकन इसके 30 साल के औसत पीई गुणक 19.9 से थोड़ा ही ज्यादा है। 2011-13 के यूरो संकट और कोविड 19 के समय विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली के कारण पीई गुणक औसत से नीचे गिर गया था।

उदाहरण के लिए 2012 के यूरो संकट के दौरान सेंसेक्स का 12 महीने पीछे का पीई 23 गुना के उच्च स्तर से गिरकर 16.4 गुना के निचले स्तर पर आ गया था। इसी तरह कोविड 19 के दौरान सेंसेक्स का मूल्यांकन महामारी से पहले के लगभग 28 गुना पीई के उच्च स्तर से घटकर 18.8 गुना रह गया था।

गोल्डमैन सैक्स के आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर 2024 के बाद से अब तक रिकॉर्ड 42 अरब डॉलर की बिकवाली की है। 

विश्लेषकों का मानना ​​है कि भारत में शेयरों के मूल्यांकन में और गिरावट आ सकती है क्योंकि ऊर्जा और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी तथा इन दोनों वस्तुओं की उपलब्धता में कमी के चलते कंपनियों की आय और समग्र आर्थिक वृद्धि में नरमी की आशंका है।

सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्युशनल इक्विटी में शोध एवं इ​क्विटी स्ट्रेटजी के सह-प्रमुख धनंजय सिन्हा ने कहा, ‘सेंसेक्स का पीई गुणक अभी के लगभग 20 गुना से घटकर लगभग 18 गुना तक आ सकता है क्योंकि आने वाली तिमाहियों में वृद्धि और कंपनियों की कमाई में संभावित गिरावट के हिसाब से शेयर की कीमतें घटेंगी। इससे शेयरों के दाम पर दबाव बना रहेगा क्योंकि निवेशक जो​खिम वाली संप​त्तियां बेचकर सुर​क्षित संप​त्तियों का रुख करेंगे।’

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से पहले भी भारत के शेयर बाजार कंपनियों की कमाई में धीमी वृद्धि से जूझ रहे थे। पिछले 12 महीनों में सेंसेक्स की प्रति शेयर आय (ईपीएस) केवल 1.4 फीसदी बढ़ी है जो पिछले 5 साल में इसकी सबसे कम बढ़त है। सूचकांक की ईपीएस अभी 3,639 रुपये है जो अप्रैल 2025 के आखिर में लगभग 3,589 रुपये थी। सेंसेक्स की ईपीएस सूचकांक में शामिल 30 कंपनियों के शुद्ध मुनाफे को इंगित करती है। 

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट से कंपनियों की कमाई और शेयर की कीमतों पर और दबाव बढ़ने की आशंका है। सिन्हा ने कहा,’कच्चे तेल की कीमतों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी से कच्चे माल की लागत लगभग 25 फीसदी तक बढ़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप गैर-वित्तीय कंपनियों का मार्जिन मौजूदा स्तर (शुद्ध बिक्री का लगभग 16 फीसदी) से घटकर करीब 10 फीसदी या उससे भी कम रह सकता है। इससे कमाई में सीधे तौर पर कमी आने का जोखिम पैदा हो जाता है।’

बीएफएसआई को छोड़कर अन्य कंपनियों का मुख्य परिचालन मार्जिन पिछले 5 साल में 12.4 फीसदी से 17.6 फीसदी के बीच रहा यानी औसतन 15.6 फीसदी रहा है। विश्लेषकों के अनुसार शेयर बाजार में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी वाले बीएफएसआई क्षेत्र को भी ऋण वृद्धि में नरमी और फंसे कर्ज में बढ़ोतरी के कारण कमाई में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। 

गोल्डमैन सैक्स के अमृता गोयल, सुनील कौल और टिमोथी मो ने भारतीय इक्विटी पर अपनी ताजा रणनीति रिपोर्ट में लिखा है, ‘हमें उम्मीद है कि अगली 2-3 तिमाहियों में कमाई अनुमान में काफी कटौती होगी। हमने अगले 2 साल के लिए भारत की कमाई में बढ़ोतरी के अपने अनुमान को काफी कम कर दिया है। साल 2026 के लिए यह 8 फीसदी और साल 2027 के लिए यह 13 फीसदी रह सकता है जबकि ईरान संघर्ष से पहले इसके क्रमश: 16 फीसदी और 14 फीसदी रहने का अनुमान था।’

भारत के वृहद आ​र्थिक हालात बिगड़ने की वजह से शेयर की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है क्योंकि ईंधन के दाम के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका है। गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषक लिखते हैं, ‘हमारे अर्थशास्त्रियों ने 2026 के लिए जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को 1.1 फीसदी घटाकर 5.9 फीसदी कर दिया है। 

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First Published - March 29, 2026 | 9:52 PM IST

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