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इंडियाबुल्स कॉमेक्स की 35 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी

Last Updated- December 07, 2022 | 6:00 PM IST

इंडियाबुल्स एचडीएफसी बैंक, यस बैंक और दिल्ली के इंडिया पोटाश के साथ मिलकर एक सौदा करने जा रही है ताकि वह सरकारी कंपनी एमएमटीसी के साथ मिलकर बना रही कमोडिटी एक्सचेंज की 35 फीसदी हिस्सेदारी बेच सके।


हालांकि नई शेयर होल्डिंग की जानकारी विस्तार में उपलब्ध नहीं है लेकिन यस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राना कपूर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि वह इस एक्सचेंज में पांच से 10 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत की प्रक्रिया में हैं।

जानकारी के मुताबिक तीनों कंपनियां का इस एक्सचेंज में 10-10 फीसदी हिस्सेदारी लेने का इरादा है जबकि एमएमटीसी के पास 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी। बाकी बची 40 फीसदी हिस्सेदारी इंडियाबुल्स के पास ही रहेगी। इंडियाबुल्स ने विनियामक फारवर्ड मार्केट कमीशन से उसकी हिस्सेदारी को मौजूदा 74 फीसदी के स्तर से घटाने की अनुमति मांगी है।

एफएमसी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोई भी निवेशक राष्ट्रीय एक्सचेंज में 40 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी नहीं रख सकता है। इसमें यह भी है कि कमोडिटी और फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़ी कंपनी सिर्फ 20 फीसदी हिस्सेदारी ले सकती है जबकि विदेशी निवेशक सिर्फ पांच फीसदी हिस्सेदारी ले सकता है।

इंडियाबुल्स केएक बड़े अधिकारी ने पहले कहा कि हम बाजार में जारी बातों पर कुछ नहीं कहेंगे लेकिन बात में कहा कि बैंकों को इसप्रकार की किसी भी हिस्सेदारी को लेने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमति लेनी पड़ेगी और ऐसी किसी बात पर हम बाकायदा ऐलान करेंगे।

इंडियाबुल्स फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगन बंगा ने आज एक समाचार एजेंसी को बताया कि जिन कंपनियों से बात चल रही है, वे भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य विनियामकों की अनुमति लेने की प्रक्रिया में हैं। प्रस्तावित वेंचर का मुख्यालय गुड़गांव में होगा और यह एमसीएक्स, एनसीडीईएक्स और एनएमसीई के बाद चौथा कमोडिटी एक्सचेंज होगा।

First Published - August 20, 2008 | 10:27 PM IST

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