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हिंडाल्को-नहीं बन रही बात

Last Updated- December 07, 2022 | 5:41 PM IST

इक्विटी बाजार में कमजोरी के चलते हिंडाल्को को अपने राइट इश्यू प्राइस की कीमतों को पुनर्निधारित करना पड़ा। अब कंपनी तीन अनुपात सात पर 96 रुपए की कीमत पर राइट इश्यू जारी करेगी।


यह कंपनी द्वारा पहले से तय की गई कीमत से करीब 30 फीसदी कम है। लेकिन निवेशकों को प्रति सात शेयर पर महज तीन शेयर मिलेंगे और  प्रति शेयर औसत लागत 124 रुपए होगी। यह बाजार के मूल्य से सिर्फ नौ फीसदी के डिस्काउंट पर है।

मौजूदा समय में 124 रुपए पर कंपनी के स्टॉक का कारोबार वित्त्तीय वर्ष 2009 में अनुमानित आय से 7.8 फीसदी के स्तर पर हो रहा है। यह खासा महंगा तो नहीं है। कंपनी के बैलेंस शीट पर नोवलिस की खरीदारी से अब तक कर्जा चढा हुआ है और यह आठ अरब डॉलर के सकल कर्ज के करीब है और विश्लेषकों का मानना है कि अभी नोवलिस को कैश फ्लो अर्जित करने में वक्त लग सकता है।

करीब 30 फीसदी शेयरों के डिल्यूशन में देर होने से कंपनी को इक्विटी डिल्यूशन का सामना करना पड़ सकता है। अब ब्याज दरें छह महीनें पहले केस्तर से काफी ज्यादा है, तो यह एल्यूमिनियम कंपनी इक्विटी डाइल्यूशन के बारे में सोच रही है ताकि वह अपनी बैलेंस बुक पर भारी कर्ज के बोझ को कम कर सके। यहां तक कि राइट इश्यू के बाद भी कंपनी के ऊपर करीब 7,500 करोड़ का कर्ज बचेगा।

जून 2008 की तिमाही में हिंडाल्को का शुध्द राजस्व एक फीसदी गिरकर 4,647 करोड़ पर रहा। इसकेअलावा एल्यूमिनियम और कॉपर दोनों के वॉल्यूम की कम बिक्री रही। हालांकि दोनों ने बेहतर रियलाइजेशन दिया। हालांकि कॉपर के कम उत्पादन की वजह से उसका असर बिक्री पर भी पड़ा। एल्यूमिनियम सेगमेंट में कंपनी का राजस्व महज 10 फीसदी बढ़कर 1,843 करोड़ रुपए रहा।

कंपनी के रोल्ड प्रोडक्ट ने बेहतर रियलाजेशन दिया। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 1.5 फीसदी बढ़कर 20.2 फीसदी केस्तर पर रहा हालांकि इसकी वजह लोअर ऑपरेटिंग कॉस्ट रही। अन्य ऊंची आय की वजह से कंपनी का शुध्द लाभ 697 करोड़ रुपए रहा। कंपनी की योजना अगले दो से तीन सालों में अपनी क्षमता तीन गुना बढ़ाकर 1.5 मिलियन टन तक पहुंचाने की है।

हालांकि मौजूदा साल में वॉल्यूम की ग्रोथ के कम रहने की संभावना है। कंपनी की हीराकुंड और मूरी की अपनी ईकाइयों की क्षमता बढ़ाने की योजना है और मूरी ईकाई इस साल के अंत तक अपनी पूरी क्षमता पर कार्य करने लगेगी।

इस साल के अंत तक मूरी ईकाई से 450 किलो टन सालाना उत्पादने होने लगेगा। हिंडाल्कों की शेयर की कीमत में इस साल की शुरुआत से 37 फीसदी का सुधार हुआ है जबकि राइट इश्यू के ऐलान के बाद 12.5 फीसदी की गिरावट आई है।

First Published - August 19, 2008 | 12:23 AM IST

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