facebookmetapixel
Advertisement
सोना-चांदी पर बड़ा झटका, आयात शुल्क बढ़ा तो भी कीमतों में उलझा बाजार, ट्रेडर्स परेशानGQG ने बेचे अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर, ASK और Lighthouse ने लॉन्च किए नए फंडडिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए भुगतान में देरी के प्रस्ताव पर बैंकों की सहमतिथोक महंगाई 42 महीने के हाई पर पहुंची! पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने मचाया हड़कंप, आम जनता पर बढ़ेगा दबाव!उर्वरकों पर डीबीटी से कृषि उत्पादन घटने की आशंका: सीएसीपीSEBI करने जा रहा बड़ा बदलाव, डेरिवेटिव ट्रेडिंग के कई नियम बदल सकते हैंसोना और चांदी ETF में फिर लौटी चमक, निवेशकों का पैसा तेजी से बढ़ाचीनी निर्यात पर अचानक रोक से उद्योग हैरान, शेयरों में तेज गिरावटओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हमला, आग और डूबने की घटना से हड़कंप; भारत ने जताई कड़ी आपत्तिराहुल गांधी से मिले यूरोपीय संघ के बड़े राजनयिक, भारत-यूरोप रिश्तों पर हुई अहम चर्चा

FPI ने जून में अबतक भारतीय शेयरों में 16,405 करोड़ रुपये डाले

Advertisement

एफपीआई ने मई में शेयरों में 43,838 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह उनके निवेश का नौ माह का उच्चस्तर था।

Last Updated- June 18, 2023 | 10:52 AM IST
FPI Selling

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का भारतीय शेयर बाजारों में निवेश का सिलसिला जून में लगातार चौथे महीने जारी है। देश की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार और सकारात्मक वृद्धि परिदृश्य के बीच जून में अबतक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 16,405 करोड़ रुपये का निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

एफपीआई ने मई में शेयरों में 43,838 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह उनके निवेश का नौ माह का उच्चस्तर था। अप्रैल में उन्होंने शेयरों में 11,631 करोड़ रुपये और मार्च में 7,936 करोड़ रुपये डाले थे।

इससे पहले जनवरी-फरवरी के दौरान एफपीआई ने शेयरों से 34,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी। वित्तीय सलाहकार कंपनी क्रेविंग अल्फा के प्रमुख भागीदार मयंक मेहरा ने कहा, ‘‘मौजूदा निवेश के रुझान को देखते हुए उम्मीद है कि एफपीआई की रुचि पूरे जून महीने में भारतीय बाजारों के प्रति बनी रहेगी।’’

उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक सुधार, कंपनियों की सकारात्मक आय और अनुकूल नीतिगत माहौल की वजह से एफपीआई का भारतीय बाजारों में सकारात्मक प्रवाह जारी रहेगा।

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘भारतीय बाजार लगातार ऊपर चढ़ रहे हैं जिसकी वजह से मूल्यांकन को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। इसके अलावा सख्त नियामकीय नियमों की वजह से भी भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।’’

आंकड़ों के मुताबिक, एक से 16 जून के दौरान एफपीआई ने भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 16,406 करोड़ रुपये का निवेश किया। शेयरों के अलावा एफपीआई ने समीक्षाधीन अवधि में ऋण या बॉन्ड बाजार में भी 550 करोड़ रुपये डाले हैं। इस साल यानी 2023 में अबतक विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में 45,600 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं। वहीं बॉन्ड बाजार में उनका निवेश 8,100 करोड़ रुपये रहा है।

Advertisement
First Published - June 18, 2023 | 10:52 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement