facebookmetapixel
Advertisement
टाटा संस की लिस्टिंग पर इतना शोर क्यों? जानिए RBI के नए संशोधन का असली मतलबभारत-यूरोप साझेदारी: व्यापार से आगे बढ़कर नए सहयोग का वक्तअमेरिका और ईरान में तनाव से बढ़ी चिंता, भारत के पास 60 दिन का तेल भंडार; फिर भी महंगाई का खतराSIP करने वालों के लिए बड़ा अपडेट! PGIM India MF ने 3 विदेशी फंड्स में नए एसआईपी पर लगाई रोकNFO Alert: टॉप-20 सीमेंट कंपनियों में निवेश का मौका, Groww MF लाया नया ETF; ₹500 से निवेश शुरूव्हाट्सएप के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार का कड़ा रुख, आज देना होगा जवाबबाल शोषण कंटेट मामले में मेटा के जवाब के बाद सरकार लेगी एक्शन: आईटी सचिवमहाराष्ट्र में UCC लागू करने की तैयारी, विंटर सेशन में आ सकता है बिलITR भरने के बाद कितने दिन में खाते में आता है रिफंड? जानें देरी की वजहें और क्या कहते हैं एक्सपर्टTCS Q1FY27 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹13,349 करोड़, ₹12 के डिविडेंड का ऐलान

FPI ने अक्टूबर में अबतक शेयर बाजार से 1,586 करोड़ रुपये निकाले

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 12:46 PM IST

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भारतीय शेयर बाजारों से निकासी की रफ्तार अक्टूबर में कुछ कम हुई है। सितंबर में शेयरों से 7,600 करोड़ रुपये की निकासी करने के बाद इस महीने अबतक FPI ने पूंजी बाजारों से 1,586 करोड़ रुपये निकाले हैं।
FPI ने अगस्त में शुद्ध रूप से 51,200 करोड़ रुपये की लिवाली की थी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के पीएमएस प्रमुख के दिलीप ने कहा कि नवंबर में FPI का शुद्ध प्रवाह काफी हद तक इस आंकड़े के आसपास रहेगा। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, FPI ने 28 अक्टूबर तक शेयरों से 1,586 करोड़ रुपये की निकासी की है। इस महीने का अभी एक कारोबारी सत्र बचा है।

हालांकि, पिछले कुछ दिन के दौरान भारतीय बाजारों में FPI की बिकवाली की रफ्तार धीमी हुई है। वास्तव में पिछले चार कारोबारी सत्रों में वे 6,000 करोड़ रुपये के लिवाल रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि पूंजी की ऊंची लागत, मौजूदा भू-राजनीतिक संकट की वजह से FPI अक्टूबर में बिकवाल रहे हैं।

इससे पहले जुलाई में FPI ने भारतीय शेयरों में करीब 5,000 करोड़ रुपये डाले थे। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर से लगातार नौ माह तक FPI शुद्ध बिकवाल रहे थे। इस साल अभी तक FPI की निकासी 1.70 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुकी है।
मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक तरीके से वृद्धि की संभावना, रुपये में गिरावट, मंदी की आशंका और यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी निवेशकों का प्रवाह नकारात्मक रहेगा। इस परिदृश्य में अनिश्चितता का माहौल बना है जिसकी वजह से निवेशक जोखिम लेने से कतरा रहे हैं।’

अक्टूबर में शेयरों के अलावा FPI ने ऋण या बॉन्ड बाजार से भी 1,548 करोड़ रुपये निकाले हैं। भारत के अलावा इस महीने अबतक FPI ने फिलिपीन और ताइवान के बाजार से भी निकासी की है।

Advertisement
First Published - October 30, 2022 | 12:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement