शेयर बाजार में तेजी के साथ ही कंपनियों के प्रवर्तक तथा उससे जुड़े प्रबंधन द्वारा शेयरों की खासी बिकवाली देखी जा रही है। जुलाई में ही इन्होंने 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के शेयरों की बिक्री की है। इससे पहले दो महीनों में उन्होंने 7-7 हजार करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में बाजार में आई गिरावट के समय उनकी बिकवाली की रफ्तार कुछ कम रही थी।
नियामकीय आवश्यकता के अनुसार कंपनियों को प्रवर्तकों या शीर्ष प्रबंधन से जुड़े लोगों द्वारा शेयरों की खरीदफरोख्त की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देनी होती है। इस बारे में कंपनियों ने जो खुलासा किया है, उसमें शामिल आंकड़ों के विश्लेषण से बिजनेस स्टैंडर्ड ने मासिक रुझान का आकलन किया है। हाल के महीनों में बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के कई शीर्ष अधिकारियों ने कंपनी में अपने शेयर बेचे हैं। इसके अलावा मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के प्रवर्तकों ने भी अपनी हिस्सेदारी कम की है।
हालांकि यह जरूरी नहीं कि शेयरों को बेचने का मतलब बाजार में तेजी का फायदा उठाना ही हो। कुछ कंपनी कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नए ईसॉप्स खरीदने के लिए पैसे जुटाने की खातिर अपने शेयर बेचे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए नियमित अंतराल पर शेयर बेच रहे हैं।
हालांकि कुछ का कहना है कि ‘भीतरी लोग’ बाजार में तेजी और ऊंचे मूल्यांकन का फायदा उठाने के लिए अपने कुछ शेयर बेचकर मुनाफा बना रहे हैं।
इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा, ‘कई शेयरों का मूल्यांकन इस समय बहुत ज्यादा है। कंपनी से जुड़े लोग बाजार के इस अवसर का फायदा उठा रहे हैं। मेरे अनुमान से मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में ऐसा ज्यादा देखा जा रहा है क्योंकि उनका मूल्यांकन ऐतिहासिक औसत से काफी अधिक है। हालांकि अगर कंपनी के ही लोग बिकवाली कर रहे हैं और वृद्घि परिदृश्य में किसी तरह के बदलाव के बिना प्राइस-टू-अर्निंग गुणक बढ़ता है तो यह चेतावनी है कि ऐसे शेयरों से निकल जाइए। खुदरा निवेशकों को अपने शेयरों के मूल्यांकन का आकलन करने की जरूरत है।’ बेंचमार्क निफ्टी इस साल 18.8 फीसदी चढ़ चुका है और मिडकैप में 32.4 फीसदी तथा स्मॉल कैप में 42.4 फीसदी की तेजी आई है।
स्वतंत्र विश्लेषक अंबरीश बलिगा ने कहा, ‘इसका अर्थ है कि कंपनी से जुड़े लोग मानते हैं कि यह मुनाफा वसूली का सही समय है, जबकि निवेशक शेयर में और तेजी की उम्मीद करते हैं।
निश्चित तौर पर यह एक चेतावनी है। बाजार में कई तरह की चेतावनी सामने आ रही हैं लेकिन कोई इस पर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाता है क्योंकि बाजार में जो पैसा आ रहा है उससे थोड़े समय के लिए इस तरह का जोखिम नजरअंदाज हो जा रहा है। बाजार में जब गिरावट आती है तब इस बारे में लोग सोचना शुरू करते हैं।’