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बीएसई सेंसेक्स 55 हजार के पार

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:52 AM IST

अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य आधारित मुद्रास्फीति जुलाई में घटने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी आज नई ऊंचाई पर पहुंच गए। निवेशकों ने शेयरों पर दांव इस उम्मीद में लगाया है कि मुद्रास्फीति में नरमी से अमेरिकी फेडरल रिजर्व बॉन्ड खरीद बंद करना कुछ समय के लिए टाल सकता है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे ब्लूचिप शेयरों में जमकर लिवाली होने से बेंचमार्क निफ्टी लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त पर बंद हुआ। निफ्टी 175 अंक की तेजी के साथ 16,529 पर बंद हुआ और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 593.31 अंक चढ़कर 55,437 पर बंद हुआ। इस हफ्ते इन दोनों सूचकांकों में करीब 2 फीसदी की तेजी आई। इससे पिछले हफ्ते भी दोनों करीब 3 फीसदी चढ़े थे। मगर इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 1.23 फीसदी और स्मॉलकैप 100 2.2 फीसदी गिरावट पर बंद हुए।

उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़े आने और कंपनियों के नतीजे अनुमान से अच्छे रहने पर यूरोपीय तथा अमेरिकी बाजार भी इस हफ्ते नई ऊंचाई पर पहुंच गए। हालांकि कोविड के डेल्टा किस्म और चीन में नियामकीय सख्ती के कारण एशियाई बाजारों में नरमी देखी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी, मुद्रास्फीति में नरमी और वृद्घि को समर्थन देने के सरकार के संकल्प से देसी बाजार क्षेत्र के दूसरे बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज में रिटेल शोध के प्रमुख सिद्घार्थ खेमका ने कहा, ‘मुद्रास्फीति के आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक के सहज दायरे में है। इससे केंद्रीय बैंक को निकट अवधि में मौद्रिक नीति पर नरम रुख बरकरार रखने में मदद मिलेगी। बाजार में तरलता बनी रह सकती है और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।’

विशेषज्ञों ने बताया कि जुलाई में बिकवाली कर रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अब लिवाली कर रहे हैं। जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज में मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजय कुमार ने कहा, ‘विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी निवेश रणनीति बदल ली है। जुलाई में उन्होंने 11,308 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, लेकिन अब वे लिवाली कर रहे हैं। मिड और स्मॉल कैप की तुलना में लार्ज कैप के बेहतर प्रदर्शन से संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है। बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और शेयरों का मूल्यांकन काफी ज्यादा है, ऐसे में मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।’
इस साल अब तक सेंसेक्स 15.8 फीसदी और निफ्टी 17.9 फीसदी चढ़ चुका है। निफ्टी इस समय वित्त वर्ष 2022 के आय के अनुमान से 23 गुने और वित्त वर्ष 2023 के अनुमान से 20 गुने पर कारोबार कर रहा है। यह मूल्यांकन ऐतिहासिक स्तर की तुलना में ज्यादा है। हालांकि कंपनियों की आय में कमी और अमेरिका में बॉन्ड खरीद कार्यक्रम बंद होने से मध्यम अवधि में बाजार में जोखिम हो सकता है।

First Published : August 14, 2021 | 12:36 AM IST