हर महीने करीब 10 लाख खाते खुलने से ब्रोकरों को अपने प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इसके लिए ब्रोकर एमेजॉन के गिफ्ट वाउचर, ट्रेडिंग क्रेडिट एवं एकमुश्त पेशकश जैसे तरीके अपना रहे हैं। इसके अलावा कई ब्रोकरेज फर्मों ने अपने रेफरल कार्यक्रम भी शुरू किए हैं जिसमें मौजूदा ग्राहकों को नए ग्राहक लाने पर कुछ प्रोत्साहन दिए जाते हैं।
शेयर बाजार में जारी तेजी के बीच कई ब्रोकरेज फर्में एक नया ग्राहक जोडऩे पर करीब 2,000 रुपये तक खर्च कर रही हैं। अधिकतर नए निवेशकों की उम्र 20 से 30 साल के बीच होने से ब्रोकरेज फर्मों में उन्हें पास खींचने के लिए होड़ लगी हुई है और इसके लिए वे ऑनलाइन विज्ञापन एवं सोशल मीडिया पर प्रचार का सहारा ले रही हैं। अपने प्रतिद्वंद्वियों को मुकाबले से बाहर करने के लिए ब्रोकरेज फर्मों ने गूगल पर ट्रेडिंग खाता खोलने के बारे में सर्च किए जाते समय अपने विज्ञापनों को दिखाने के लिए आक्रामक तरीके से बोली लगाई है।
यह आक्रामकता आंकड़ों से भी जाहिर होती है। 1 अप्रैल से अब तक 40 लाख से अधिक डीमैट खाते खोले गए हैं और अब देश में कुल डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। निवेशक महज नए खाते ही नहीं खोल रहे हैं बल्कि वे इक्विटी बाजार में जारी तेजी के बीच लेनदेन में सक्रियता भी दिखा रहे हैं।
23 मार्च के निचले स्तर के बाद बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 50-50 फीसदी की उछाल दर्ज की गई है जबकि कई शेयरों के भाव दोगुने तक हो चुके हैं। शेयर कारोबार के आंकड़े दिखाते हैं कि जुलाई में खुदरा कारोबार पिछले कई वर्षों के उच्च स्तर पर रहा।
खुदरा कारोबार के लिए डीमैट खाते खुलवाने में आई तेजी के असली विजेता कम लागत वाले ब्रोकर हैं। जीरोधा का दावा है कि उसने अप्रैल से अब तक 10 लाख नए खाते खोले हैं। इसी तरह ऐंजल ब्रोकिंग ने करीब 5 लाख खाते खोले हैं जबकि अपस्टॉक्स और 5पैसाडॉटकॉम ने 2.5-2.5 लाख खाते खोलने की बात कही है।
ऐंजल ब्रोकिंग के सीएमओ प्रभाकर तिवारी कहते हैं, ‘हमारे साथ जुडऩे पर एक टोकन के तौर पर हम अपने ग्राहकों को कई तरह के डिजिटल ऑफर दे रहे हैं। इसके अलावा हमने एक रेफरल कार्यक्रम भी चलाया है जहां हम नए ग्राहक लाने पर मौजूदा ग्राहकों को समुचित इनाम देते हैं।’
रिलायंस सिक्युरिटिज के मुख्य कारोबार अधिकारी राजीव श्रीवास्तव कहते हैं, ‘हम अपने ग्राहकों को गिफ्ट वाउचर जैसा कोई उपहार नहीं देते हैं लेकिन हम अपने मौजूदा ग्राहकों के लिए रेफरल कार्यक्रम चलाया हुआ है।’ उन्होंने बताया कि फर्म के साथ हरेक नए ग्राहक को जोडऩे पर औसतन 15,00 रुपये का खर्च आ रहा है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटिज और एचडीएफसी सिक्योरिटिज जैसी बैंक-आधारित ब्रोकरेज फर्में भी अपने ग्राहक आधार को बढ़ाने के लिए बैंक नेटवर्क से बाहर देख रही हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटिज एक ग्राहक को 11,000 रुपये मूल्य के लाभ की पेशकश कर रही है जिसमें ग्राहकी केंद्रित स्टॉक मार्केट पोर्टल एवं पत्रिकाएं शामिल हैं। उसने अप्रैल-जून की अवधि में 80,000 नए ग्राहक जोडऩे का दावा करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी फैलने के बाद शेयर कारोबार करने वाले ग्राहकों की संख्या 50 फीसदी बढ़ गई है।
वहीं एचडीएफसी सिक्योरिटिज ने ब्रोकिंग शुल्क घटाने के साथ ही डाउन पेमेंट करने पर मुफ्त कारोबार की पेशकश की है। फर्म के खुदरा इक्विटी प्रमुख दीपेन सेठ कहते हैं, ‘सक्रिय खुदरा कारोबारियों की एक नई पीढ़ी धीरे-धीरे मजबूती हासिल कर रही है और उनकी भागीदारी बढ़ रही है। सभी ब्रोकर इसमें से एक हिस्सा चाहते हैं। लेकिन एक खुशनुमा, निर्बाध एवं सुरक्षित कारोबार का अनुभव देने वाली ब्रोकरेज फर्म को ही इसमें हिस्सा मिल पाएगा। इसके साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है।’
जानकारों का कहना है कि कई ब्रोकरेज फर्में अमेरिका स्थित खुदरा कारोबार ऐप रॉबिनहुड से प्रेरणा ले रही हैं जिसने अमेरिकी बाजार में खुदरा कारोबार को क्रांतिकारी रूप से बदलने के लिए सुर्खियां बटोरी हैं। रॉबिनहुड ने इस साल लाखों ग्राहक जोड़े हैं जिसके बाद इसका मूल्यांकन 11 अरब डॉलर हो चुका है।