क्या धोनी ब्रांड का जलवा रहेगा कायम?

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 2:16 AM IST

दुबई पर इस वक्त क्रिकेट की खुमारी छाई हुई है। इस महीने की 19 तारीख को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) शुरू होने जा रहा है। चेन्नई सुपर किंग्स के नाम वाले किसी भी तरह के कपड़े या एक्सेसरीज की मांग बढ़ गई है जिसके कप्तान कोई और नहीं महेंद्र  सिंह धोनी है। लुलु और लैंडमार्क जैसे प्रमुख खुदरा चेन स्टोर ने चेन्नई सुपर किंग्स ब्रांड के परिधान और दूसरे सामानों केलिए करीब 10 लाख डॉलर तक का ऑर्डर दिया है। दिल्ली की रीति स्पोट्र्स के कारोबारी हित धोनी के साथ जुड़े हैं और धोनी ब्रांड के पीछे जिस शख्स की अहम भूमिका है उनका नाम अरुण पांडेय हैं जो इसी कंपनी के प्रवर्तक हैं।

वह कहते हैं, ‘हमारे परिधान, जूते और ‘सेवन’ ब्रांड के नाम वाले एक्सेसरीज की मांग संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अभूतपूर्व रही है जिसके वैश्विक ऐंबेसडर धोनी हैं। हम चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के कपड़े के आधिकारिक साझेदार हैं और मेरे अधिकारी इन बड़े ऑर्डर पर काम करने के लिए अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं जिन ऑर्डर की हमने उम्मीद नहीं की थी।’ कुछ हफ्ते पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करने वाले धोनी के लिए काफी कुछ दांव पर है। पहली बात तो यह कि क्या वे सीएसके को चौथी बार भी जीत के मुकाम तक पहुंचाते हुए ट्राफी दिला पाएंगे। पिछले साल महज एक रन से मुंबई इंडियंस से हारने की वजह से ट्रॉफी नहीं मिल पाई थी। दूसरी बात यह कि क्या वह उन लोगों को गलत साबित कर सकते हैं जो कहते हैं कि उनका जादू अब खत्म हो गया है और वह अब अपने फॉर्म में नहीं हैं। एक और बड़ा सवाल यह है कि एक ब्रांड के रूप में धोनी अब खुद में नए सिरे से बदलाव लाएंगे क्योंकि अब वह रिटायर हो चुके हैं।

फि लहाल उन्हें विज्ञापन करार के लिए पेशकश की जा रही है। पांडेय जो एक पूर्व क्रिकेटर भी हैं उनका कहना है कि धोनी को कम से कम चार से पांच नए ब्रांडों के ऑफर मिल रहे हैं। नतीजतन उनसे सभी खंडों के 40 से अधिक ब्रांड जुड़े होंगे। पांडेय कहते हैं, ‘2012 की तुलना में अब उनके साथ जुड़े ब्रांडों की तादाद दोगुनी हो गई है और जब 2017 में उन्होंने कम मैच खेलना शुरू किया तब से उनके खाते में ब्रांड की तादाद बढऩी शुरू हो गई। 2012 में उन्होंने 22 ब्रांड करार किए लेकिन अब उनके खाते में 40 ब्रांड हैं। उनकी फीस भी नहीं घटी है बल्कि कुछ मामलों में फीस प्रीमियम भी है।’ इससे पहले जब धोनी सक्रियता से खेलते थे तो वह ब्रांड के प्रचार-प्रसार के लिए हर साल 110-130 दिन देते थे जो अब बढ़कर 180 दिन हो गए हैं। पांडेय कहते हैं कि धोनी इस साल अब तक 150-160 दिन का इस्तेमाल कर चुके हैं और अब वह धीमी रफ्तार से चलेंगे और साथ ही कोई और अनुबंध नहीं लेंगे। समस्या यह है कि उनकी मांग इस तरह से है कि ब्रांडों का भी उन पर करार के लिए दबाव बढ़ा है।

लेकिन ब्रांड विशेषज्ञों का कहना है कि उन्होंने फीस की दरों में कटौती की है जिसकी वजह से उनकी ब्रांड की संख्या बढ़ी है। मोगे मीडिया के ब्रांड विशेषज्ञ और चेयरमैन संदीप गोयल ने कहा कि धोनी की फ ीस की दर पहले मशहूर क्रि केट खिलाड़ी विराट कोहली या अभिनेता  रणवीर सिंह या अक्षय कुमार के बराबर थी। लेकिन उन्होंने रिटायर होने के बाद अपनी कीमत आधी कर दी है जिससे वह कंपनियों के लिए किफ ायती बन गए हैं। गोयल ने कहा, ‘अब उनकी दरें अमिताभ बच्चन या आयुष्मान खुराना के अनुरूप हैं।’ गोयल का मानना है कि मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर के रुझानों को देखते हुए आईपीएल में खेलना बंद करने के बाद धोनी को दो साल तक ब्रांड करार की पेशकश की जाती रहेगी। जबकि कुछ लोग उनके लिए पांच साल की अवधि भी देते हैं। गोयल ने आगे कहा, ‘लेकिन अगर वह राजनीति में शामिल होते हैं या क्रिकेट प्रशासन से जुड़ते हैं तब इसमें बदलाव आ सकता है और विज्ञापन करार में खासतौर पर कमी आएगी।’

धोनी के जीवन पर ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ के नाम की फि ल्म बनाने वाली रीति स्पोट्र्स की क्रिकेटर के लिए विज्ञापन से अलग एक दूसरी योजना है। वह इस फि ल्म की सीक्वल बनाने पर विचार कर रही है। समस्या सिर्फ  इतनी है कि धोनी की भूमिका निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत की मौत हो गई है जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। पांडेय और धोनी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ऐसी स्थिति में अब क्या किया जा सकता है। वे फिटनेस कारोबार में भी आक्रामक रूप में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहते हैं। उनकी योजना है कि पहले से ही मौजूद ‘फिट 7’ नाम के फिटनेस केंद्रों की तादाद को 20 से बढ़ाकर साल भर के भीतर कम से कम 50 कर दिया जाए।

दूसरी योजना यह है कि फिटनेस की पेशकश ऑनलाइन की जाए और अपनी ऑफ लाइन उपस्थिति के साथ इसका सामंजस्य रखा जाए। ऑनलाइन पेशकश में ‘हर किसी के जीवन को बेहतर बनाना’ जैसा नारा दिया जाएगा और इसमें वर्चुअल योग कक्षाएं, पोषण से जुड़ी सलाह, विशेषज्ञों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य पर सलाह के साथ-साथ घर में रहने वाले लोगों को खाली समय का इस्तेमाल करते हुए फि ट रहने जैसी सलाह दी जाएगी। पांडेय ने कहा, ‘धोनी फि र से इस व्यापक फि टनेस पेशकश के ब्रांड ऐंबेसडर होंगे।’ पांडे के पास ‘सेवन’ के लिए भी महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं जो ब्रांड उन कठिनाइयों से उभरा जिसका सामना धोनी और उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में किया यानी वे महंगे क्रिकेट से जुड़े सामान, जूते और कपड़ों का खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं थे। ‘सेवन’ के साथ अगला कदम उन सामानों को बनाना है जिसकी मौजूदगी देश में केवल 40 प्रतिशत है और इसे अगले 18 महीनों में व्यापक रूप से उपलब्ध कराना है। चूंकि मांग बढ़ रही है इसलिए दोनों लोग अपनी विनिर्माण सुविधा पर भी गौर कर सकते हैं। लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वे खेल के कारोबार में भी मौके देख सकते हैं। मसलन दोनों का दांव ‘रांची रेज’ में लगा हुआ है जो हॉकी इंडिया लीग में खेलने वाली टीम है। पांडेय ‘चेन्नईयन एफसी’ का भी प्रबंधन करते हैं जो चेन्नई फु टबॉल टीम है और इसमें धोनी की भी हिस्सेदारी है। लेकिन एक क्षेत्र ऐसा है जहां पांडेय अकेले ही उतरना चाहते हैं।

First Published : September 11, 2020 | 11:50 PM IST